महराजगंज पुलिस को प्रदेश में IGRS रैंकिंग में पहला स्थान मिला है। इस सफलता पर SP सोमेंद्र मीना ने पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए इसकी सराहना किए हैं। बता दें कि गोरखपुर रेंज के अन्य जिले गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर रैंकिंग में टॉप 10 में भी नहीं हैं।
महराजगंज जन शिकायतों की सुनवाई के बाद प्रभावी कार्रवाई व पीड़ितों की संतुष्टि ने महराजगंज पुलिस को जुलाई माह की आईजीआरएस रैकिंग में प्रदेश में पहला स्थान दिलाया है।गोरखपुर जोन के सभी जिले की पुलिस रैंकिंग में महराजगंज पुलिस से पीछे रह गई है।
एसपी सोमेन्द्र मीना ने इस उपलब्धि पर पुलिस कर्मियों की सराहना करते हुए बधाई दी। साथ ही साथ यह भी कहा कि रैंकिंग ने जिम्मेदारियों को और बढ़ा दिया है। थाना से लेकर सभी सीओ व पुलिस कार्यालय आने वाले शिकायती पत्रों के गुणदोष के आधार पर समयबद्ध निस्तारण के साथ-साथ पीड़ितों की संतुष्टि जरूरी है।
जिले में आईजीआरएस समेत सभी माध्यम से जुलाई माह में 16 सौ शिकायतें महराजगंज पुलिस को मिली थी। शिकायतों के निस्तारण की नियमित मानीटरिंग से आईजीआरएस रैंकिंग में महराजगंज पुलिस प्रदेश के सभी जिलों को पछाड़ते हुए शीर्ष पर पहुंच गई है। एसपी सोमेन्द्र मीना ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ताओं से अच्छा तालमेल कर उनकी शिकायतों का नियमों के तहत निस्तारित कराएं।
आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण को लेकर प्रदेश स्तर पर जो रैंकिंग तैयार की गई है उसमें महराजगंज जिले को छोड़ गोरखपुर मंडल के अन्य जिले टॉप-10 में भी नहीं है। कुशीनगर जिले को रैंकिंग में 42वां स्थान, देवरिया 70 एवं गोरखपुर पुलिस 72वें स्थान पर है।
महराजगंज पुलिस को मिले शिकायती पत्रों पर कार्रवाई की निगरानी के लिए मानीटरिंग सेल बना है। इसमें कई पुलिस कर्मी तैनात हैं। यह सभी शिकायतों की सूची लेकर पीड़ितों को फोन करते हैं। शिकायतों पर कार्रवाई व निस्तारण पर फीड बैक लेते हैं। अगर किसी थाना से शिकायतों के निस्तारण को लेकर समस्या आती है तो उच्चाधिकारियों के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश जारी होता है।
एसपी महराजगंज सोमेंद्र मीना ने बताया कि IGRS रैंकिंग में महराजगंज जिले को प्रदेश की रैंकिंग में पहला स्थान मिला है। शासन व उच्चाधिकारियों के स्तर से आए सभी संदर्भों का निष्पक्ष जांच होती है। पुलिस अधिकारी जांच आख्या का परीक्षण भी करते हैं। पूरी कोशिश है कि समाधान की उम्मीद लेकर आए लोगों को जांच के बाद संतुष्टि मिले। सभी को निर्देशित किया गया है कि शिकायतों का गंभीरतापूर्वक व समय सीमा के अंदर प्रभावी निस्तारण करें।