हथियार के साथ नेपाल गए यूपी के इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों को नेपाल पुलिस ने लिया हिरासत में।
महराजगंज. नेपाल के सीमावर्ती कसबा कृष्णानगर में फिर यूपी पुलिस को अपमानित होना पड़ा। इस बार बलरामपुर जिले की पुलिस नेपाल पुलिस से अपमानित हुई है।शुक्रवार को देर रात किसी तरह मामला सुलझ सका और बलरामपुर की पुलिस को छोड़ा गया।
हालांकि यह आम बात हो गई है। नेपाल के कस्बे में कभी व्यापारियों तो कभी नेपाल पुलिस के हाथों यूपी पुलिस को अपमानित होना पड़ता है।अभी कुछ दिन पूर्व कृष्णानगर में ही सीमावर्ती भारतीय थाना शोहरतगढ़ के एक दरोगा की यहां के व्यापारियों ने जमकर धुनाई की थी।इस घटना का वीडिओ वायरल हुआ था जिसमें यूपी के थाने के पिट रहे दरोगा की लाचारी साफ दिख रही थी।इस वीडिओ को देखने के बाद कम से कम पुलिस वालों को वर्दी में नेपाल जाने से परहेज करना चाहिए था लेकिन उन्हें इसकी परवाह कहां?हैरत तो तब हुई जब मार खाए दरोगा को वर्दी में नेपाल जाने के जुर्म में सस्पेंड कर दिया गया। दरोगा की धुनाई करने वाले नेपाल के आरोपी व्यापारी का कुछ नही बिगड़ा।
नेपाल में यूपी पुलिस के ताजा अपमानित होने का मामला यह है कि एक लड़की भगाकर नेपाल ले जाने के आरोपी को पकड़ने के लिए बलरामपुर जिले के पचपेड़वा थाने की पुलिस मय असलहा बोलोरो से नेपाली कसबा कृष्णानगर में घुस गई। थाने के इंस्पेक्टर डीएस चतुर्वेदी के साथ सिपाही नासिर हुसेन और कोमल थे।इंस्पेक्टर के पास सर्विस रिवाल्वर था तो एक सिपाही के पास उसका निजी दो नाली बंदूक था।
चर्चा है कि पचपेड़वा से लड़की भगाकर लाने वाले आरोपी को कृष्णानगर में पचपेड़वा पुलिस के आने की भनक लग गई। उसने कृष्णानगर थाने के इंस्पेक्टर सुभाष गइरे को सूचित किया कि पुलिस के भेष में बदमाश उसे मारने आए हैं।फिर क्या था आननफानन में घेराबंदी कर पचपेड़वा थाने के इंस्पेक्टर और सिपाहियों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। थाने में वर्दीधारी पुलिस वाले स्वयं को असली पुलिस होने का दावा करते रहे लेकिन नेपाल पुलिस उनकी दलील सुनने को तैयार नही थी। किसी तरह इसकी जानकारी बलरामपुर एसपी को हुई तो वहां से सादी वर्दी में कुछ और पुलिस के लोग कृष्णानगर पहुंचे।
साथ में बढ़नी के चौकी इंचार्ज को भी लिए। देर रात तक चली पंचायत के बाद हिरासत में लिए गए यूपी के इंस्पेक्टर और सिपाहियों को छोड़ा गया। हालाकि इस बात की पुष्टि नही हो पाई लेकिन चर्चा है कि नेपाल पुलिस ने माफीनामा लिखवाने के बाद यूपी पुलिस को छोड़ा। कृष्णानगर थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि वर्दी में बदमाश होने के संदेह में भारत के पुलिस वालों को हिरासत में लिया गया था जिन्हे छोड़ दिया गया।
By Yashoda Srivastava