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अमरकंटक में देश का पहला अग्रसेन महराज का सार्वजनिक मंदिर स्थापित

विधि-विधान पूर्वक की गई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा

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Agrasen temple

पेंड्रा. देश का पहला सार्वजनिक अग्रसेन भगवान के मंदिर की स्थापना मां नर्मदा के उद्गम स्थान अमरकंटक के अमरेश्वर महादेव में की गई। शुक्रवार को अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में पुजारी महेन्द्रानंद के देख रेख में मंदिर में वैदिक रीति के अनुसार भगवान अग्रसेन के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई।

मंदिर के पुजारी महेन्द्रानंद ने बताया कि महराज अग्रसेन श्री राम चन्द्र के 35वें वंशज बल्लभ देव जी के पुत्र थे। उन्होंने सूर्य वंश में जन्म लिया था। वे साक्षत भगवान के ही स्वरूप हंै। भारत की यह पहली मूर्ति है, जिनकी सार्वजनिक मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा करवाई गई है। उन्होंने बताया कि यह प्रमाणित हो चुका है कि महराज अग्रसेन भगवान के अवतार हैं। इसलिए पूरे विधिविधान से मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। सात दिनों से पूजा अर्चना और मंदिर में भागवत का आयोजन चल रहा है। मंदिर परिसर में नव दुर्गा, हनुमान जी और गणेश जी के भी मूर्ति की प्राण प्रातिष्ठा की गई है। इस दौरान अमरकंटक में अग्रवाल महासभा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद अग्रवाल, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश अग्रवाल, महिला महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा गुप्ता व सत्यप्रकाश फरमानिया के साथ-साथ मंदिर के ट्रस्टी और आसपास के अग्रवाल समाज के लोग भारी संख्या में उपस्थित रहे।