
विजय प्रजापति डॉ आंबेडकर नगर महू. मशहूर पर्यटक स्थल पातालपानी और भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव में आने वाले पर्यटकों के लिए और बेहतर सुविधाएं जुटाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से तीन करोड़ रूपए का बजट निर्धारित किया और विभिन्न कामों की शुरूआत की गई है। छह से आठ माह के भीतर तमाम कार्य पूर्ण होंगे और दोनों स्थानों की सूरत बदली नजर आएगी।
पातालपानी में कई साल पहले पर्यटन विभाग की ओर से रेलिंग निर्माण पाथ वे सहित अन्य कार्य करवाए थे। इसके बाद से यहां सुविधा के विस्तार के लिहाज से आगे कोई काम नहीं हुए। अब फिर से पर्यटन विभाग ने पातालपानी पर ध्यान केंद्रीत किया है। यहां 98 लाख रूपए के कामों के प्रपोजल को मंजूरी मिली और टेंडर जारी होने के बाद अब विभिन्न कामों का सिलसिला शुरू हो गया।
ये काम हुए शुरू
पातालपानी में बीते एक माह से विभिन्न निर्माण कार्य चल रहे हैं जिसमें पुल पर रैलिंग लगाने के साथ ही इसका सौर्दयीकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां पर पाथवे का निमार्ण कार्य किया जा रहा है। साथ ही हेजागोन शेड बनाए जा रहे है। साथ ही पार्किंग स्पेस बढ़ाने का काम भी शुरू हो चुका है। पुताई के कार्य किए जाएंगे। गार्डनिंग ऐरिया यूज करने लायक बना रहे हैं। भविष्य में मनमोहक लैंड स्केपिंग नजारें यहां दिखाई देंगे। इन कार्यो के साथ ही यहां टायलेट सुधारीकरण के साथ रंग.रोगन के कार्य किए जाएंगे।
सरकारी जमीन रोक रही विकास
पातालपानी में कई कार्य होने है लेकिन इसके आसपास वन विभाग व निजी जमीनें होने के कारण कार्य करवाने में दिक्कतें आ रही है। जानकारी अनुसार पर्यटन विभाग ने विस्तार करने व निर्माण के लिए आसपास शासकीय भूमि के लिए राजस्व विभाग ने भी जानकारियां जुटाई थी लेकिन सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई। इसीलिए मौजूदा सुविधाओं का ही विस्तार किया जा रहा है।
जानापाव में करीब 2 करोड़ की लागत से होंगे काम
पर्यटकों के साथ ही आस्था का केन्द्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव में भी पर्यटन विभाग द्वारा विभिन्न कार्य शुरू कर दिए गए। यहां पर डे शेल्टर, खुला बड़ा हॉल का निर्माण किया जा रहा है। लैंड स्कैपिंग, सेफ्टी रैलिंग, पाथ वे के काम भी शुरू कर दिए है। इसके सुविधाघर का जीर्णोद्वार, रंगाई-पुताई सहित अन्य सिविल वर्क किए जाएंगे।