Career in human rights: कॅरियर के लिहाज से यदि खुद को स्थापित करने की सोच रहे हैं तो १२वीं पास करने के बाद देशभर में मौजूद कई कॉलेज, यूनिवर्सिटी व संस्थानों से तीन वर्षीय डिग्री, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।
Career in human rights: समाज के हित में काम करने वाले को समाजसेवी कहा जाता है। ऐसे में उनका एक अहम काम होता है लोगों को उनके अधिकारों के बारे में बताकर उन्हें जागरूक करना। कुछ समय तक इसमें केवल शौकिया ही आते थे लेकिन अब युवा इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने के विकल्प भी ढ़ूढने लगे हैं। शिक्षित के अलावा कई प्रोफेशनल्स इस क्षेत्र में अपने मूल काम के साथ-साथ काम करने लगे हैं।
जरूरी योग्यता
यदि आप समाज हित में काम करना चाहते हैं तो आपको किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं है। कॅरियर के लिहाज से यदि खुद को स्थापित करने की सोच रहे हैं तो १२वीं पास करने के बाद देशभर में मौजूद कई कॉलेज, यूनिवर्सिटी व संस्थानों से तीन वर्षीय डिग्री, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।
अहम भूमिका
मानवाधिकार यानी हृयूमन राइट्स का क्षेत्र काफी चुनौती पूर्ण होता है। हर व्यक्ति जन्म के साथ ही कुछ अधिकारों का स्वामित्व होता है। इन्हें कोई छीन नहीं सकता है। ऐसे में मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में आपको जेंडर जस्टिस, सोशल जस्टिस, चाइल्ड जस्टिस आदि दिलाने का काम करना होता है। ये कार्यकर्ता मानवीय अधिकारों से उल्लंघन से बचाव और इससे जुड़े अपराधों की पूरी तरह रोकथाम के लिए प्रयासरत होते हैं। वे विकास की निगरानी व मामलों की जांच पड़ताल करते हैं
रोजगार के अवसर
मानवाधिकारों के क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगठनों में काम करने का अवसर मिल सकता है। इसके अलावा नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन, स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन, नेशनल एंड स्टेट कमीशन ऑन चिल्ड्रन, लेबर वेलफेयर, यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम, यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स कमीशन, एमेनेस्टी इंटरनेशनल, एशियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स डॉक्यूमेंटेशन सेंटर और रेड क्रॉस जैसे संस्थानों में फुल या पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं।
इन पदों पर कर सकते हैं काम
मानवाधिकार के क्षेत्र में आप ह्यूमन राइट्स प्रोग्रामर, एक्टिविस्ट, रिसर्चर, डिफेंडर, एनालिस्ट, प्रोफेशनल, कंसल्टेंट, टीचर, एडवोकेट, मैनेजर, कैम्पेनर, वर्कर आदि के रूप में काम करन सकते हैं।
यहां से ले सकते हैं शिक्षा