एक्सेल गैस एंड इक्विपमेंट्स के एमडी नितिन गोडसे कभी फुटपाथ पर सब्जियां बेचकर गुजारा किया करते थे लेकिन उन्होंने अपने अथक प्रयासों से आज खुद को बिजनेस वर्ल्ड में स्थापित कर लिया है।
फिल्म ‘3 इडियट्स’ का डायलॉग काबिल बनो, कामयाबी झक मारकर पीछे भागेगी...’ उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो कामयाबी की बुलंदियां छूना चाहते हैं। यह जरूर ध्यान रखें कि सफलता तभी मिलती है जब अपने काम को शिद्दत और मेहनत के साथ पूरा करते हैं। यही वजह है कि सफलता में न कभी धन आड़े आता है और न ही कोई और कारण।
एक्सेल गैस एंड इक्विपमेंट्स के एमडी नितिन गोडसे कभी फुटपाथ पर सब्जियां बेचकर गुजारा किया करते थे लेकिन उन्होंने अपने अथक प्रयासों से आज खुद को बिजनेस वर्ल्ड में स्थापित कर लिया है। नितिन महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के अकोले गांव में पैदा हुए थे। उनके पिता एक लोकल स्टोर पर सेल्समैन का काम करते थे, जिससे उन्हें 400 रुपए प्रतिमाह की आय होती थी।
नितिन ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए रोड कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्टर के यहां मजदूरी की तो कभी सब्जी भी बेची। नितिन इंजीनियर बनना चाहते थे लेकिन वित्तीय बाधाओं के कारण पुणे यूनिवर्सिटी से बीएससी की डिग्री पूरी करनी पड़ी। स्नातक होने के बाद उन्हें ऑर्के इंडस्ट्रीज में सुपरवाइजर के तौर पर नौकरी मिली। एक साल बाद उन्होंने टेक्नोवा इमेजिंग सिस्टम कंपनी में नौकरी करना शुरू किया।
उन्हें लगा कि बिना किसी प्रोफेशनल डिग्री के बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की जा सकती है तो उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। फिर उन्होंने एग्रो-बेस्ड कंपनी विष्णु प्रिया एग्रो इंडस्ट्रीज के लिए काम करना शुरू किया। इसमें ताजी सब्जियों का व्यापार होता था। नितिन सुबह 3.30 बजे से मध्य रात्रि तक काम करते थे। उन्होंने एक परिचित के साथ कुछ पैसों की साझेदारी में इसमें काम किया लेकिन खास फायदा नहीं हुआ।
इसके बाद उन्होंने कुछ पूंजी जमा कर अपना व्यवसाय शुरू करने का फैसला लिया और दिसंबर 1999 में नितिन ने एक्सेल गैस एंड इक्विपमेंट्स लि. की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कंपनी को आगे बढ़ाने पर फोकस किया। आज उनकी कंपनी का करोड़ों का टर्नओवर है।