प्रतिभा जन्मजात और प्रकृति प्रदत्त होती है जिसका जीता जागता उदाहरण 8 वर्षीय आलिया गुप्ता है। आलिया अपनी उम्र की सीमा से आगे की कक्षाओं की सभी किताबों के प्रश्नों के उत्तर मिनटों में हल कर देती है।
तीसरी कक्षा की छात्रा आलिया ने दसवीं के लिए स्कूल में हुआ प्री बोर्ड भी पास कर लिया। वह अंतरिक्ष के तारों का अध्ययन कर उनके फोटो खींचती है। आलिया को पूरी-पूरी रात जागकर उनकी दुर्लभ फोटो खींचने का शौक है। वह कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा देना चाहती है जिसकी लिए सीबीएसई ने उसकी उम्र कम होने के कारण परीक्षा दिलाने से साफ इनकार कर दिया है।
अभिभावकों ने राज्य के शिक्षा मंत्री गोविन्द डोटासरा से मुलाकात कर आलिया को कक्षा दसवीं की परीक्षा राजस्थान बोर्ड से करवाने की अनुमति देने की गुहार लगाई है। आलिया के माता-पिता का कहना है कि पिछले साल तीसरा कक्षा में पढ़ते हुए आलिया ने प्री-बोर्ड परीक्षा दी और अच्छे अंक प्राप्त किए। स्कूल के प्राध्यापक केडी गुप्ता ने कहा कि आलिया शुरू से ही प्रतिभाशाली है जो दसवीं कक्षा के सभी प्रश्न पत्र आसानी से हल कर लेती है। शिक्षकों का कहना है कि उसे खगोलीय ज्ञान भी प्रकृति प्रदत्त है जो दूसरे बच्चों में नहीं मिलता है।
पढ़ती ही नहीं पढ़ाती भी है आलिया
आलिया कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों को अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से पढ़ाती भी है। वह अपने से बड़ी कक्षा के छात्रों को टिप्स भी देती हैं। उसका अंग्रेजी व हिंदी में पढ़ाने का ढंग विदेशी विद्यार्थियों को भा रहा है।
अंतरिक्ष के ग्रह और नक्षत्र के नाम हैं याद
आलिया के पिता अमित गुप्ता व मां अनुराधा गुप्ता का कहना है कि जब आलिया पहली कक्षा में पढ़ रही थी तो वह आसमान की ओर देखकर तारों के नाम बता देती थी। हम इसकी प्रतिभा को समझ नहीं पाए लेकिन जब वह स्कूल जाने लगी तो वह अपनी किताबों को पूरा करने के बाद अगली कक्षा की किताबें भी मांगकर ले आती थी। बड़ी कक्षा की किताबों को पढ़कर सवालों को हल करना उसके लिए मामूली बात थी। पिछले 5 वर्षों से रात के समय उठकर तारा मंडल का अध्ययन कर रही है। इसे खगोलीय ज्ञान का बहुत शौक है। इसकी प्रतिभा को देखकर उसे हम हर स्तर पर आगे बढ़ाना चाहते हैं।