
Motivational Story: अमरीकन बिलेनियर बेन सिल्बरमैन ने वेब व मोबाइल एप्लीकेशन कंपनी पिंटरेस्ट के को-फाउंडर बेन ने इसे अपने दो साथियों इवान शार्प और पॉल सिआरा के साथ मिलकर स्टार्ट किया। बेन का टेक्निकल बैकग्राउंड नहीं था, लेकिन वह पिंटरेस्ट शुरू करने से पहले गूगल में एड डिजाइनर के रूप में काम कर चुके थे। बेन को हमेशा स्टैम्प की तरह चीजें इकट्ठा करने का शौक था, इसलिए वह सोचते थे कि क्यों न ऐसा कोई एक प्लेटफॉर्म बनाया जाए, जो लोगों को ऐसी चीजें करने का मौका दे।
जब आप कोई बड़ा काम शुरू करने की सोचते हैं तो पुराना काम छोडऩे की जरूरत होती है, लिहाजा बेन ने गूगल की जॉब छोड़ दी। उन्होंने अपने दोस्त पॉल से बात की और उन्होंने साथ काम करना शुरू कर दिया। बेन ने आईओएस ऐप बनाना सीखा और आईफोन के लिए ऐप बनाना शुरू कर दिया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। तभी उन्हें इमेज से जुड़ी वेबसाइट का आइडिया आया।
दोनों ने इस आइडिया पर साथ काम करना शुरू किया। उनके साथ इवान भी जुड़ गए। मार्च 2010 में उन्होंने पिंटरेस्ट को लॉन्च कर दिया, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद कुछ महीनों में उनके 200-300 यूजर्स ही बन पाए। बेन ने तकरीबन 300 दोस्तों को मैसेज भेजा, पर उनमें से कुछ ने ही पिंटरेस्ट के विचार को समझा। बेन और उनके साथी ऐसी साइट के साथ संघर्ष कर रहे थे, जिसे लोग समझ नहीं पा रहे थे। फिर भी उन्होंने आत्मविश्वास नहीं खोया।
लॉन्च के नौ माह बाद यूजर्स की संख्या दस हजार पर पहुंची। जून 2011 में पिंटरेस्ट ने ध्यान आकर्षित करना शुरू किया और यूजर्स की संख्या बढऩे लगी। इमेज शेयरिंग से जुड़े प्लेटफॉर्म ने धीरे-धीरे कामयाबी की बुलंदियों को छूना शुरू किया। बेन के शौक से शुरू हुई पिंटरेस्ट आगे जाकर सफल बिजनेस में तब्दील हो गई।