
मंडला. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव एक आम समस्या हो गई है। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसे किसी तरह का मानसिक तनाव न हो। चाहे युवा हो या प्रौढ़, बुजुर्ग हों या महिलाएं। सभी किसी न किसी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। ऐसे में मन को शांत करने के लिए लोगों का रुझान योग की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से लोग कमलासन में बैठकर मन को शांत करने के तरीके सीखने में विशेष रुचि ले रहे हैं। चाहे पतंजलि योग समिति द्वारा आयोजित किए जा रहे शिविर हों या सत्य साईं समिति द्वारा आयोजित कक्षाएं। इन सभी में शामिल होने वाले ज्यादातर लोग कमलासन में बैठकर मानसिक शांति को पाने के प्रयास में लगे हुए हैं। इस बारे में सत्य साईं समिति के डॉ हर्ष कर्महे का कहना है कि शीत ऋतु अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए सबसे उपयुक्त ऋतु है। यदि इस ऋतु में योग अभ्यास किया जाए तो वह मानसिक, शारीरिक, आत्मिक विकास में और अधिक सहायक होता है। यही कारण है कि नगर में कमलासन के प्रति लोगों में विशेष रुचि बढ़ रही है।
पतंजलि योग समिति से जुड़े योग शिक्षक राकेश गुप्ता का कहना है कि पद्मासन या कमल आसन बैठकर की जाने वाली योग मुद्रा है। इसमें घुटने विपरीत दिशा में रहते हैं। इस मुद्रा को करने से मन शांत और ध्यान गहरा होता है। कई शारीरिक विकारों से आराम भी मिलता है। इस मुद्रा में नियमित अभ्यास से साधक कमल की तरह पूरी तरह से खिल उठता है इसलिए इस मुद्रा का नाम पद्मासन है। जानकारों के अनुसार, चीनी और तिब्बती बौद्ध मान्यता में कमल आसन को वज्रासन भी कहा जाता है।
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ऐसे करें पद्मासन
* पैरों को सामने की ओर फैलाकर जमीन पर बैठ जाएं रीढ़ की हड्डी सीधी रहे।
* दाहिने घुटने को मोड़ें और बांईं जांघ पर रख दें, ध्यान रहे कि एड़ी उदर के पास हो और पांव का तलवा ऊपर की ओर हो।
* अब यही प्रक्रिया दूसरे पैर के साथ दोहराएं।
* दोनों पैरों को मोड़ें, पांव विपरीत जांघों पर रखें।
* हथेली सीधी और हाथ का अंगूठे को पोर प्रथमा पहली अंगुली के पोर को छू रहा हो। दोनों हाथ घुटनों पर हो।
* सिर सीधा और रीढ़ की हड्डी सीधी रहे।
* इसी स्थिति में बने रहकर गहरी सांस लेते रहें।
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यदि आपको दोनों पैरों को मोड़कर पद्मासन में बैठने में परेशानी हो तो आप अर्ध पद्मासन में भी बैठ सकते हैं। किसी भी पैर को विपरीत जांघ पर रखकर आप यह आसन कर सकते हैं। जब तक आपका शरीर पद्मासन लगाने के लिए पर्याप्त लचीला न हो जाए, तब तक आप अर्ध पद्मासन से भी काम चला सकते हैं।
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पद्मासन के लाभ
* पाचन क्रिया में सहायक होता है।
* मांसपेशियों के तनाव को कम करता है और रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
* मन को शांति प्रदान करता है।
* गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा कम करने में मदद करता है।
* मासिक चक्र की परेशानी को कम करता है।
पद्मासन एक सरल और आसानी से किया जा सकने वाला आसन है। फिर भी यदि आप पद्मासन में नहीं बैठ सकते हैं तो अर्ध पद्मासन को अपनाएं। इस आसन में बैठकर ध्यान करने से भी लाभ मिलता है। योग शिक्षकों का यह भी कहना है कि शुरुआती दौर में योग्य प्रशिक्षक के नेतृत्व में इसे करना चाहिए।