
Mandla Tragedy : "अब तो उठ जा मेरे लाल, और मत रुला " यह कहते-कहते मां पिता बेसुध हो रहे हैं। मंडला में शनिवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने 4 घरों के चिराग बुझा दिए। हादसे से मानो पूरा शहर रो पड़ा। नैनपुर के पास हीरापुर गांव में रात तक गणेश उत्सव की रौनक थी। प्रतिमा विसर्जन के बाद युवक थके कदमों से गांव लौटे थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही घंटे बाद यही पंडाल चार परिवारों के लिए जिंदगी का सबसे भयावह मंजर बन जाएगा। गांव में गणेश मंच के पंडाल में सो रहे युवकों पर बिजली का तार टूटकर गिर गया। करंट फैलने से चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हो गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल प्रियांशु को जिला अस्पताल भेजा गया है।
मृतकों में जैनू भांवरे (19), रवि झारिया (24), कृष्ण कुमार भांवरे (18) और वीरेंद्र भांवरे (24) शामिल हैं। चारों युवक रात तक उत्सव का हिस्सा थे, लेकिन सुबह उनके परिवारों को उनकी मौत की खबर मिली।
जानकारी के अनुसार, समिति के सदस्य सुबह करीब 4 बजे गणेश प्रतिमा का विसर्जन कर लौटे थे। इसके बाद आठ युवक पंडाल में रखे सामान की रखवाली के लिए वहीं सो गए। पंडाल पक्का बना हुआ था। इसी दौरान करंट फैला जिसके चपेट में सो रहे युवक भी आ गए। बिजली का तार टूटकर पंडाल पर गिरा या शॉर्ट सर्किट से करंट फैला, इसकी जांच बिजली कंपनी की टीम कर रही है।
सुबह जब हादसे की जानकारी गांव में फैली तो पंडाल के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। जहां कुछ घंटे पहले गणेश उत्सव की गतिविधियां थीं, वहां चीख-पुकार और मातम का माहौल था। जिन युवकों के साथ परिवार और गांव ने उत्सव मनाया था, उनके शव देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
चार युवकों की असमय मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। किसी मां ने बेटे को खो दिया तो किसी परिवार का सहारा हमेशा के लिए चला गया। हादसे ने गांव में गणेश उत्सव की खुशियों को एक ही सुबह में मातम में बदल दिया।घटना की जानकारी लगते ही प्रशासनिक अमला और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।