
मंदसौर.
शहर के कोठारी कॉलोनी में चल रहे कथित नशा मुक्ति केंद्र को पुलिस ने सील कर दिया है और संचालक सूरज माली के खिलाफ नई आबादी थाने में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यहां से आठ मरीजों को जिला अस्पताल परिसर में स्थित रेडक्रास सोसायटी के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कर दिया है। हांलाकि यह नशा मुक्ति केंद्र भी स्टाफ की कमी से जुझ रहा है।
सीएसपी राकेश मोहन शुक्ल ने बताया कि संचालक सूरज माली के खिलाफ नर्सिग एक्ट के तहत धारा ३ एवं आयुष अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी संचालक सूरज को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। यहां पर भर्ती आठ मरीजों को रेडक्रास सोसायटी के नशामुक्ति केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया है। नशा मुक्ति केंद्र को सील कर दिया गया है।
एक साल में बीड़ी, गुटखा और जर्दा पर १ लाख ६५ हजार खर्च
सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला ने बताया कि सूरज माली से एक साल का ऑडिट भी जप्त किया गया है। जिसमें २९ लाख ४६ हजार ५८३ रूपए टोटल बताए गए है। इसमें १ लाख ६५ हजार २४१ रूपए का बीड़ी, गुटखा और जर्दा का खर्च बताया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से नशा मुक्ति की जा रही थी। वहीं दो लाख ४६ हजार ८७५ रूपए का बताया गया है। बैलेंस शीट में बैलेंस तीन लाख २२ हजार ७३५ रूपए बताए गए है।
रेडक्रास में भी स्टाफ की कमी
रेडक्रास सोसायटी के नशा मुक्ति केंद्र में आठ लोगों को भर्ती किया गया है। लेकिन यह नशा मुक्ति केंद्र भी स्टाफ की कमी से जुझ रहा है। कई बार यहां के जिम्मेदारों ने रेडक्रास सोसायटी को स्टाफ के बारे में जानकारी दी। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां पर तीन कम्पाउंडर के पद स्वीकृत है। जिसके एवज में केवल दो कम्पाउंडर कार्य कर रहे है। तीन वार्ड बॉय के पद है लेकिन वर्तमान में एक ही कार्यरत है। और गार्ड नहीं है। नशा मुक्ति केंद्र के डॉक्टर आर कनसारिया ने बताया कि स्टाफ की कमी है। यहां पर गार्ड की आवश्यकता है लेकिन नहीं है। कई बार मरीज आक्रमक हो जाते है। ऐसे में गार्ड क ा होना बहुत जरूरी है। समय-समय पर इस जानकारी रेडक्रास सोसायटी को की है।
१५ दिन के १५०० और एक माह के १६०० रूपए
डॉ कनसारिया ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र पर १५ दिनों तक रखा जाता है। जिसका शुल्क १५०० रूपए है। उसके बाद यदि परिजनों को लगता है सुधार नहीं है तो फिर से वह १५ दिन के लिए रख सकते है। केवल उसके लिए १०० रूपए अतिरिक्त चार्ज लगता है। ऐसे हर १५ दिन में १००-१०० रूपए अतिरिक्त चार्ज लगता है।
आरोपी सूरज माली ने कहा कि यह केंद्र अवैध नहीं है कागजों में कमी थी। प्रशासन के नियम पता नहीं थे। अच्छे कामों में परेशानी आती है।