14 जुलाई को भारत सरकार ( indian govt ) ने एक बार फिर से Bharat Bond ETF की दूसरी किस्त ( Bharat Bond ETF second trench ) जारी कर दी है दिसंबर में जारी हुई थी पहली किस्त निवेशकों ( investors ) के पैसे की होती है गारंटी 14000 करोड़ जुटाने का है लक्ष्य
नई दिल्ली: हमारे देश में निवेश के क्षेत्र में Bharat BOND ETF एक नया और आकर्षक नाम है। भारत सरकार द्वारा लॉन्च किया गया ये एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सरकार की एक नई शुरूआत है। अपनी तरह के इस पहले ETF में आनेवाली रकम पब्लिक सेक्टर की कंपनियों ( public sector companies ) के सिर्फ AAA रेटिंग वाले बॉन्ड्स में लगाई जाएगी। सबसे खास बात ये है कि छोटे निवेशक इसमें 1000 रुपए की रकम के साथ निवेश शुरू कर सकते हैं।
जारी हुई दूसरी किस्त- आज यानि 14 जुलाई को भारत सरकार ने एक बार फिर से Bharat Bond ETF ( Bharat Bond ETF second trench ) जारी कर दी है। भारत बॉन्ड ईटीएफ का न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) में 17 जुलाई तक निवेश किया जा सकता है। सरकार इसके जरिए 14,000 करोड़ रुपये तक जुटाने का लक्ष्य रखी रही है।
दिसंबर 2019 में ईटीएफ की पहली सीरीज आयी थी और तब इसे 1.7 गुना सब्सक्राइब कराया गया था जिससे इसने 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा जुटाया था।
कितने दिन में होगा मैच्योर- ये बांड्स 2 मैच्योरिटी ऑप्शन के साथ आते हैं । पहला विकल्प 5 साल में मैच्योर होने वाले बॉन्ड का है। दूसरा 11 साल में यानि 5 साल वाला बांड 2025 और दूसरा 2031 में मैच्योर होगा।
कितना कर सकते हैं निवेश- एनएफओ के दौरान न्यूनतम 1000 रुपये से निवेश किया जा सकता है. इसके बाद 1000 रुपये के गुणक में निवेश किया जा सकता है. अधिकतम 2,00,000 रुपये का निवेश करना होगा. संस्थागत निवेशक को कम से कम 2,01,000 रुपये का निवेश करना होगा।
पैसा कहां होगा निवेश- जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं ये पैसा सरकार AAA रेटिंग वाली कंपनियों में लगाएगी लेकिन फिर भी आपकी जानकारी के लिए बता दें किय निवेशकों का पैसा पीएफसी (PFC), आरईसी (REC), पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन (Power Grid Corporation of India), नेशनल हाउसिंग बैंक (National Housing Bank), आईओसी (IOC), नाबार्ड (National Bank for Agriculture & Rural Development), एचपीसीएल (Hindustan Petroleum Corporation), एनएचपीसी (NHPC) पावर ग्रिड कॉरपोरेशन (Power Grid Corporation), नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India), न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (Nuclear Power Corporation of India) जैसी कंपनियों में लगाया जाएगा।