
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खरीद-बिक्री और भंडारण को लेकर एक बड़ा ऐलान कर दिया है। मोदी सरकार ने हाल ही में गुजरात में पेट्रोल-डीजल की खरीद-बिक्री और भंडारण के लिए परमिट की आवश्यकता को खत्म कर दिया है। अब से डीलर्स को गुजरात में पेट्रोल-डीजल की खरीद-बिक्री के लिए सरकार से परमिट हासिल करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
पेट्रोल की बिक्री जरूरी नहीं सरकार की अनुमति
सरकार ने डीलर्स को एक पत्र जारी कर कहा है कि अब से डीलरों को खाद्य,नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता विभाग की अनुमति नहीं लेनी चाहिए। लेकिन जो लोग गुजरात में पेट्रोल पंप स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें मौजूदा नियमों के अनुसार पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा विभाग की अनुमति प्राप्त करनी होगी।
अधिकारियों के पास होंगे जांच करने का हक
गुजरात सरकार के की मानें तो यह निर्णय ‘न्यूनतम प्रशासन, अधिकतम संचालन’ के सिद्धांत के मद्देनजर लिया गया है। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि आदेश 1977 के तहत डीलरों को खरीद एवं वितरण का रिकॉर्ड रखना होगा। साथ ही अधिकारियों के पास पेट्रोल-डीजल पंपों, ईंधन भंडारों, रजिस्टरों और दस्तावेजों की जांच करने का अधिकार भी बना रहेगा।पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर परमिट की आवश्यकता खत्म करने वाला गुजरात 12वां राज्य बन गया है।