
Raymond के शेयर में भारी तेजी देखी जा रही है। (PC: AI)
Raymond Share Return: रेमंड के शेयर में गुरुवार को अच्छी-खासी तेजी देखने को मिली है। इंट्राडे कारोबार में रेमंड के शेयर ने 14.5 फीसदी की छलांग लगाई और बीएसई पर 764 रुपये का नया 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर छू लिया। यह एनएसई पर 12.97 फीसदी की बढ़त के साथ 753.80 रुपये पर बंद हुआ है। एक समय यही शेयर काफी नीचे कारोबार कर रहा था। 30 मार्च 2026 को रेमंड का शेयर 320.40 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था। वहां से अब तक शेयर करीब 138.5 फीसदी उछल चुका है। यानी छह महीने से भी कम समय में निवेशकों का पैसा दोगुने से ज्यादा हो गया है।
रेमंड के शेयर में तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह डिफेंस और एयरोस्पेस कारोबार को लेकर बढ़ती उम्मीदें मानी जा रही हैं। इसके साथ ही कंपनी के तिमाही नतीजों ने भी बाजार का भरोसा मजबूत किया है। सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एनालिस्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, Q1FY27 में कंपनी के कुल रेवेन्यू में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा एयरोस्पेस कारोबार में आगे मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है। उनका अनुमान है कि शॉर्ट टर्म में शेयर 800 रुपये से 850 रुपये तक जा सकता है।
रेमंड के कारोबार में बड़े बदलाव के बाद बाजार की नजर अब कंपनी के एयरोस्पेस, प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और ऑटो कंपोनेंट्स कारोबार पर है। लाइफस्टाइल और रियल्टी कारोबार के डीमर्जर के बाद कंपनी को इन सेक्टर्स पर ज्यादा फोकस करने वाली कंपनी के तौर पर देखा जा रहा है।
रेमंड का Q1FY27 में कुल रेवेन्यू 628 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 13 फीसदी अधिक है। कंपनी का एबिटडा भी 14 फीसदी बढ़कर 100 करोड़ रुपये हो गया। एबिटडा मार्जिन 20 बेसिस प्वाइंट सुधरकर 15.9 फीसदी रहा। ब्रोकरेज फर्म निर्मल बंग के मुताबिक, कंपनी के एयरोस्पेस और प्रिसिजन इंजीनियरिंग दोनों कारोबारों ने Q1FY27 में अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया। इससे कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
एयरोस्पेस और डिफेंस सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 40.4 फीसदी बढ़कर 123 करोड़ रुपये हो गया। इस कारोबार का एबिटडा 25 फीसदी बढ़कर 26 करोड़ रुपये रहा। इस सेगमेंट का एबिटडा मार्जिन 21.2 फीसदी रहा। कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक, रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर ज्यादा खर्च के कारण मार्जिन में कुछ समय के लिए दबाव आया है। हालांकि, यह निवेश भविष्य में कारोबार की ग्रोथ में मदद कर सकता है।
निर्मल बंग के अनुसार, एयरोस्पेस कारोबार की 75 फीसदी से ज्यादा इनकम जटिल एयरो-इंजन कंपोनेंट्स से आती है। कंपनी करीब 12 प्रोडक्ट कैटेगरी में काम करती है। भारत की कंपनियां अभी दुनिया की एयरोस्पेस कंपोनेंट डिमांड का 1 फीसदी से भी कम हिस्सा पूरा करती हैं। ऐसे में इस कारोबार में आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश मानी जा रही है।
प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और ऑटो कंपोनेंट्स सेगमेंट का रेवेन्यू 11.5 फीसदी बढ़कर 444 करोड़ रुपये हो गया। इस कारोबार का एबिटडा 45.5 फीसदी उछलकर 61 करोड़ रुपये रहा। एबिटडा मार्जिन भी 10.6 फीसदी से बढ़कर 13.8 फीसदी हो गया। ब्रोकरेज के मुताबिक, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और कारोबार के आकार का फायदा मिलने से मार्जिन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।
निर्मल बंग के मुताबिक, कंपनी ने एयरोस्पेस कारोबार के लिए लंबे समय का अपना टार्गेट बरकरार रखा है। कंपनी को एयरोस्पेस सेगमेंट में करीब 25 फीसदी सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने एयरोस्पेस कारोबार के स्टेडी-स्टेट एबिटडा मार्जिन को 27 से 29 फीसदी के बीच रखने और करीब 25 फीसदी ROCE हासिल करने का टार्गेट दोहराया है। इसके साथ ही कंपनी अगले पांच वर्षों में करीब 1,000 करोड़ रुपये की क्षमता बढ़ाने वाली योजना पर भी काम कर रही है।
रेमंड के शेयर में तेजी सिर्फ फंडामेंटल्स तक सीमित नहीं है। टेक्निकल चार्ट भी शेयर में आगे तेजी की संभावना दिखा रहा है। ग्लोब कैपिटल मार्केट के एवीपी (रिसर्च) विपिन कुमार के मुताबिक, रेमंड का शेयर पिछले तीन साल से ज्यादा समय से एक बड़े दायरे में ट्रेड रहा था। अब शेयर इस दायरे की ऊपरी सीमा के पास पहुंच चुका है। उनके मुताबिक, अगर शेयर 785 रुपये के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो ब्रेकआउट की पुष्टि हो सकती है। इसके बाद शेयर नई ऊंचाई की ओर बढ़ सकता है। कुमार के अनुसार, अच्छी खरीदारी और मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ शेयर अगले 6 से 12 महीनों में करीब 950 रुपये के स्तर तक पहुंच सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
03 Sept 2026 03:40 pm
Published on:
03 Sept 2026 03:40 pm
