
नई दिल्ली। देश में लगातार पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। आज भी पेट्रोल के दामों में 12 पैसे तो डीजल के दामों में 28 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। सरकार ने भी संकेत दे दिए है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी नहीं आएगी। ऐसे में लोग इन बढ़ते दामों से इस हद तक परेशान है कि भूटान और नेपाल से सटे शहरों के लोग ने भारत से पेट्रोल भरवाना लगभग छोड़ दिया हैं। भूटान और नेपाल से सटे शहरों के लोग वहीं पर जाकर पेट्रोल भरवाना पंसद कर रहे हैं। क्योंकि वहां पर पेट्रोल तकरीबन 12 रुपए सस्ता है। लेकिन लोगों के ऐसा करने से मोदी सरकार को सालाना 926 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है।
हर रोज पेट्रोल की बिक्री में आ रही कमी
नॉर्थ बंगाल पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक एनएच-31 पर करीब 150 पेट्रोल पंप हैं। भूटान में सस्ते तेल की वजह से इनकी बिक्री में हर रोज 20% की कमी आ रही है। एसोसिएशन का अनुमान है कि रोजाना पेट्रोल की बिक्री में 2.50 लाख लीटर और डीजल में 1.35 लाख लीटर का नुकसान हो रहा है।
लोग भारत से नहीं खरीद रहे पेट्रोल
भारत-भूटान संधि के मुताबिक एक-दूसरे देश की सीमा में आवाजाही के लिए वीजा की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए भूटान जाकर तेल भरवाना गैर-कानूनी नहीं है। लोग इसी बात का फायदा उठा रहे हैं। लेेकिन इस बात का सरकार को तगड़ा झटका लग रहा है। इस वजह से पश्चिम बंगाल के पेट्रोल पंप डीलर्स को सालाना 750 करोड़ रुपए और राज्य सरकार को करीब 176 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
भूटान में इतना सस्ता मिल रहा पेट्रोल
भूटान में पेट्रोल का रेट 72 रुपए प्रति लीटर और डीजल का 64 रुपए प्रति लीटर है। जबकि, एनएच-31 पर स्थित ज्यादातर पंपों पर पेट्रोल 84 और डीजल करीब 76 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। इस तरह दोनों के रेट में 12 रुपए का फर्क है। इसलिए पेट्रोल और डीजल को लेने के लिए वहीं जा रहे हैं। ऐसे में नॉर्थ बंगाल पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन सरकार से इस बात पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।