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किम-ट्रंप की मुलाकात से शेयर मार्केट सतर्क, बढ़त के साथ खुले बाजार

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आैर नाॅर्थ कोरिया के राष्ट्रपति की मुलाकात पर भारत के शेेयर मार्केट की पैनी नजर बनी हुर्इ है। इसका असर एशियार्इ देशों में भी साफ दिखार्इ दे रहा है।
2 min read
Jun 12, 2018
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जानिए, ट्रंप और किम जोंग की मुलाकात से जुड़ी पांच अहम बातें

नर्इ दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आैर नाॅर्थ कोरिया के राष्ट्रपति की मुलाकात पर भारत के शेेयर मार्केट की पैनी नजर बनी हुर्इ है। दोनों देशों के राष्ट्रध्यक्षों की मुलाकात का असर सिर्फ भारतीय शेयर बाजारों में ही नहीं बल्कि एशियार्इ देशों में भी साफ दिखार्इ दे रहा है। अगर बात मंगलवार की करें तो स्टॉक मार्केट हल्की बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 77 अंक मजबूत होकर 35561 के स्तर पर और निफ्टी 27 अंक मजबूती के साथ 10814 के स्तर पर खुला। ट्रम्प-किम जोंग की मुलाकत पर एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार दिख रहा है।

किनमें तेजी, किनमें गिरावट
कारोबार के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी नजर आ रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.25 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3 फीसदी बढ़ा है। कारोबार के दौरान डॉ रेड्डीज, सिप्ला, विप्रो, ल्यूपिन, आईओसी, वकरांगी, कजारिया सीरेमिक्स, एचएफसीएल और सद्भाव इंजीनियरिंग के शेयरों में 1.76 फीसदी तक तेजी दिखी। वहीं, टाटा स्टील, इंफोसिस, वेदांता लिमिटेड, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और मारूति के शेयरों में 0.93 फीसदी तक गिरावट रही।

रुपए की कमजोर शुरूआत
मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 3 पैसे कमजोर होकर 67.45 प्रति डॉलर के भाव पर खुला। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रुपए की चाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और नॉर्थ कोरियाई लीडर किम जोन्ग-उन की मीटिंग के नतीजों से तय होगी। डीलर्स का अनुमान है कि अगर मीटिंग पॉजिटिव रहती है तो जोखिम भरे एसेट्स में खरीददारी बढ़ेगी और रुपए में तेज उछाल आने का अनुमान है। हालांकि रुपया प्रति डॉलर 67.10 के स्तर से ज्यादा मजबूत नहीं होगा।

बड़ा असर डाल सकती है मुलाकात
डोनाल्ड ट्रंप आैर किम जोंग उन की मुलाकात भारतीय शेयर बाजार में बड़ा असर डाल सकती है। वहीं भारत भी हमेशा नाॅर्थ आैर अमरीका के बीच के रिश्तों में मिठास आने का समर्थन करता है। यानि इसका मतलब साफ है कि दोनों की मुलाकात से देश को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। ताकि भारत का दायरा साउथ कोरिया के साथ नाॅर्थ कोरिया में बढ़ सके। वहीं आपको बता दें कि पिछले दो दशकों से भारत आैर नाॅर्थ कोरिया के संबंध उतने अच्छे नहीं रहे जितने हुआ करते थे। वहीं हाल ही देश केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह गुपचुप तरीके से नाॅर्थ कोरिया की विजिट भी करके आए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि अमरीका आैर नाॅर्थ कोरिया के बीच की मिठास भारत को कितना फायदा पहुंचाती है।

Published on:
12 Jun 2018 10:24 am