
नर्इ दिल्ली। अमरीका की आेर से भारत के लिए क अच्छी खबर आर्इ है। भारत द्वारा र्इरान से कच्चे तेल के आयात को लेकर सहमत हो गया है। अभी तक अमरीका की आेर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुर्द है, लेकिन जानकारों का कहना है कि एक दो दिनों में इस पर अमरीका अपना सहमति पक्ष रख सकता है। आपको बता दें कि अमरीका की यह सहमति तब आर्इ है जब भारत की आेर से 2018-19 में तेहरान से कच्चा तेल एक तिहार्इ तक कम आयात काने की बात की है।
भारतीयों को मिलेगी राहत
अमरीका की आेर से मिली आयात में इस छूट से इंडियन आॅयल आैर बाकी आॅयल कंपनियों को काफी राहत मिल सकती है। भारत र्इरान का तेल आयात करने के मामले में दूसरा सबसे बड़ा खरीदार भी है। कंपनियां ईरान को तेल की रकम कैसे देंगी इस पर दोनों देशों के बीच वार्ता का दौर चल रहा है। जानकारों की मानें तो तेल का भुगतान 55 फीसदी यूरो और 45 फीसदी रुपए के रूप में यूको बैंक के माध्यम से ही किया जाएगा। भारत इसलिए ईरान के तेल को महत्व देता है क्याेंकि बाकी जगहों से सस्ता होने के साथ रिफाइनरी के टेक्निकल कॉन्फिग्यूरेशन के अनुकूल है।
अमरीका ने र्इरान पर दिया है पाबंदी का आदेश
एक नए परमाणु समझौते के लिए ईरान को वार्ता की मेज पर लाने को लेकर अमरीका ने उसकी आय के सबसे बडे़ स्रोत को अवरुद्ध करने के लिए चार नवंबर को उसपर तेल संबंधी पाबंदी दोबारा लगाने की योजना बनाई है। इस पाबंदी के बाद अगर कोई भी देश या कंपनी अमेरिकी अनुमति के बिना ईरान से व्यापार करती है, तो उसे अमरीकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। जिसके बाद भारत की आेर से इसका विरोध शुरू हुआ था। यहां तक की भारत की आेर साफ कर दिया गया था कि वो र्इरान से तेल आयात जारी रखेगा आैर रुपए में भुगतान करेगा।