
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ने और जेवराती मांग के सुस्त रहने से बीते सप्ताह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 250 रुपए की गिरावट के साथ 31,800 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। सिक्का निर्माताओं के उठाव में गिरावट आने और औद्योगिक मांग घटने से चांदी भी 250 रुपए लुढ़ककर 41,350 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। विश्लेषकों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर के टूटने से पीली धातु को बल मिला है। लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, गत सप्ताह लंदन का सोना हाजिर 19.35 डॉलर की साप्ताहिक गिरावट के साथ सप्ताहांत पर 1,279.25 डॉलर प्रति औंस बोला गया। अगस्त का अमरीकी सोना वायदा भी 21.50 डॉलर की साप्ताहिक गिरावट के साथ 1,282.00 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी हाजिर में 0.22 डॉलर की गिरावट रही और यह 16.53 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
सप्ताह में चार दिन घटे सोने के दाम
स्थानीय बाजार में गत सप्ताह छह दिन कारोबार हुआ जिसमें से चार दिन सोने के भाव घटे। वैश्विक गिरावट और सर्राफा कारोबारियों की मांग घटने से सप्ताह के दौरान सोना स्टैंडर्ड 250 रुपए सस्ता होकर शनिवार को 32,000 के आंकड़े के नीचे 31,800 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। सोना बिटुर भी इतनी ही गिरावट के साथ 31,650 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। हालांकि, आठ ग्राम वाली गिन्नी 24,800 रुपए पर टिकी रही।
भविष्य में चांदी की कीमतों में गिरावट की संभावना
औद्योगिक मांग सुस्त पड़ने से चांदी हाजिर 250 रुपए की गिरावट के साथ 41,350 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। भविष्य में चांदी की कीमतों में गिरावट की संभावना से चांदी वायदा में 210 रुपए की साप्ताहिक गिरावट रही और यह 40,200 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। आलोच्य सप्ताह में सिक्का लिवाली और बिकवाली सप्ताह के दौरान क्रमश: 76 हजार और 77 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर टिके रहे। विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की घोषणा का असर दोनों कीमती धातुओं पर पड़ा है। कारोबारियों का अनुमान है कि आगामी सप्ताह अमरीका की चीन और अन्य देशों के साथ आयात शुल्क के मामले में चल रही तनातनी से निवेशकों का रूझान सुरक्षित निवेश में बढ़ सकता है।