‘धर्म के नाम पर वोट मांगने वालों के मुंह पर जोरदार तमाचा’ 

हिन्दुत्व मामलों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
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Jan 02, 2017
dharmaguru
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मथुरा।
उन लोगों को करारा झटका लगा है, जो चुनाव में जाति-धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए जाति-धर्म के नाम पर वोट मांगने को गैरकानूनी बताया है। इस ऐतिहासिक फैसले का मथुरा के धर्माचार्यों ने स्वागत किया है।


सभी दल स्वीकार करें फैसला

वृंदावन के प्रख्यात भागवताचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला स्वागत योग्य है। इसको सभी दलों को स्वीकार करना चाहिए। देश के हित में लिया गया फैसला है। पार्टियां जाति-धर्म के नाम पर मस्जिदों को तोड़ देती हैं। ढांचे गिरा दिए जाते हैं। मंदिर के नाम पर वोट मांगे जाते हैं।




'कुछ नेताओं के मुंह पर तमाचा'

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नवलगिरी ने कहा कि इस फैसले से एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं को झटका लगा है, जो मुस्लिमों के नाम पर विखंडन की बात करते हैं। मायावती दलितों के नाम पर उनकी मसीहा बनकर राजनीति करती है। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी मुस्लिम वोटों की राजनीति करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इनके मुंह पर जोरदार तमाचा मारा है।




कई राज्यों में होने हैं चुनाव

बता दें कि हिन्दुत्व मामलों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। वहीं आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इस फैसले से कई राजनीतिक पार्टियों को झटका लगा है।




Published on:
02 Jan 2017 05:21 pm