
मथुरा। यूपी रोडवेज की बसों में यात्रियों को फर्जी टिकट देने और सरकार को अब तक लाखों रुपये की चपत लगाने वाले गैंग का एसटीएफ ने खुलासा किया है। एसटीएफ ने मंगलवार को रोडवेज बसों की चेकिंग के दौरान इस गैंग में शामिल दो चालक और दो परिचालकों को पकड़ा, जो बस में यात्रियों से पूरा पैसा वसूलकर फर्जी टिकट काट कर दे रहे थे। पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ प्रदेश के अन्य जिलों में भी रोडवेज बसों में सक्रिय इस गैंग के लोगों के खिलाफ धरपकड़ की कार्रवाई कर रही है।
ये है मामला
मंगलवार को मथुरा पहुंची एसटीएफ की टीम ने राया थाना क्षेत्र की बिचपुरी पुलिस चौकी पर रोडवेज बसों की चेकिंग शुरू की। अलीगढ़ रूट पर चलने वाली बसों की चेकिंग के दौरान एसटीएफ ने दो बसों के ड्राइवर और कंडक्टर को यात्रियों से टिकट की कीमत वसूलते और बदले में फर्जी टिकट देते हुए पकड़ा। इस दौरान एसटीएफ ने बस नम्बर यूपी 85 एएच 9600 के चालक ज्ञानेंद्र सिंह और परिचालक खेम सिंह और बस नंबर यूपी 85 एए 9036 के चालक शिव राम और परिचालक देवेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया। जब इनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो पता चला फर्जी टिकट का पूरा रैकेट चल रहा है जिसमें इनके अलावा और भी कई लोग शामिल हैं।
एसटीएफ एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और मेरठ-मथुरा रूट पर 40-50 रोडवेज की ऐसी बसें हैं जिनमें फर्जी टिकट काटने वालों का गैंग सक्रिय है। जो लोग टिकट नहीं लेते थे उनको धमकाया जाता था और रोडवेज के कर्मचारियों को भी धमकाते थे। इन्होंने यूपी के राजस्व को लाखों रुपए की हानि करायी है। फिलहाल इस मामले में कार्रवाई जारी है।
बसों में चला करते थे बाउंसर
मामले की जानकारी देते हुए एआरएम मथुरा अक्षय कुमार ने बताया देवेंद्र रेगुलर चालक है। खेम सिंह टिकट बुकिंग बाबू है और ज्ञानेंद्र और शिवराम यह संविदा कर्मी हैं। एआरएम ने यह भी बताया कि दोनों बसों से कुछ बाउंसर भी एसटीएफ ने गिरफ्तार किए हैं। इन बाउंसरों के साथ साथ सभी चालक और परिचालक को को एसटीएफ अपने साथ ले गई है।