मथुरा के जेल में कैदियों की कहानी हैरानी में डालने वाली है। जहां एक तरफ कुछ लोग धार्मिक त्योहारों को धर्म के नाम पर बांट देते हैं वही ये कैदी धर्मनिरपेक्षता की मिसाल पेश कर रहे हैं। आइये बताते हैं क्या है मथुरा के जेल की कहानी।
मथुरा के जेल में कैदियों ने धर्मनिरपेक्षता की मिसाल पेश की है। मथुरा के जेल में बंद कैदियों की कहनी सभी जाननी चाहिए। यहां के मुस्लिम कैदी नवरात्री में पुरे 9 दिन व्रत करते हैं और देवी मां की आराधना और विधिवत पूजा-पाठ करते हैं।
मथुरा के जेल में बंद एक कैदी ने कहा कि हमलोग नवरात्री का व्रत रख रहे हैं। जेल प्रशासन की और से हमे पूरी सुविधा मिल रही है। सुबह स्न्नान करके आराधना करते हैं और मंदिर पर बैठते हैं। जेल प्रशासन की ओर से खाने के लिए फल दिए जाते हैं।
कैदी ने बताया कि मेरा जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। यह एक संस्कृति है और भगवान और देवी का आशीर्वाद है। मेरा पहला नाम मोहम्मद था। मैं आगरा के पास बल्लभगढ़ से आता हूं। मैं लंबे समय से उपवास कर रहा हूं।