मथुरा

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन में लिया संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद, एक घंटे सुना सत्संग

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा मंगलवार सुबह वृंदावन के केली कुंज आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज का सत्संग सुना और आशीर्वाद लिया। दीक्षा और पूर्ण शरणागति पर संत ने दिए विशेष उपदेश।

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Feb 17, 2026
संत प्रेमानंद जी के वचन सुनते विराट-अनुष्का।

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा मंगलवार सुबह करीब 6 बजे वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के सत्संग में लगभग एक घंटे तक भाग लिया। दोनों पूरे समय हाथ जोड़कर श्रद्धा भाव से बैठे रहे और सत्संग के बाद संत से आशीर्वाद लिया। बताया जा रहा है कि उनकी बेटी वामिका इस दौरान साथ नहीं थीं।

सोमवार शाम दिल्ली से पहुंचे वृंदावन

सूत्रों के अनुसार, विराट और अनुष्का सोमवार शाम दिल्ली से वृंदावन पहुंचे थे और एक होटल में ठहरे। मंगलवार सुबह तय समय से पहले ही वे आश्रम पहुंच गए और अन्य भक्तों के साथ सत्संग में शामिल हुए। दर्शन और सत्संग के बाद दोनों दिल्ली लौट गए।

आश्रम के बाहर लगा जाम

वापसी के दौरान आश्रम के बाहर उनकी गाड़ी ट्रैफिक जाम में फंस गई। विराट के मौजूद होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक मौके पर पहुंच गए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद रास्ता साफ कराया गया, तब उनकी गाड़ी आगे बढ़ सकी।

दीक्षा और पूर्ण शरणागति पर संत का संदेश

सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज ने दीक्षा और पूर्ण शरणागति के अंतर को समझाया। उन्होंने कहा कि दीक्षा, पूर्ण शरणागति की पहली सीढ़ी है। उन्होंने समझाया कि सच्ची शरणागति तब होती है जब व्यक्ति अपनी वाणी और मन से केवल अपने इष्ट पर ही भरोसा रखे। श्रीजी की कृपा को सर्वोपरि मानते हुए किसी अन्य को वह स्थान न दिया जाए, जो गुरु और इष्ट का है। संत ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे अर्जुन के रथ को स्वयं भगवान चला रहे थे, क्योंकि अर्जुन पूर्ण शरणागत थे। जब साधक पूर्ण समर्पण कर देता है, तब ईश्वर स्वयं उसके जीवन की बागडोर संभाल लेते हैं।

पहले भी आध्यात्मिक स्थलों पर जा चुके हैं विराट-अनुष्का

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा समय-समय पर विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए जाते रहे हैं। इससे पहले भी वे वृंदावन और अन्य तीर्थ स्थलों पर संतों का आशीर्वाद ले चुके हैं।

Updated on:
17 Feb 2026 03:31 pm
Published on:
17 Feb 2026 03:02 pm
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