पुलिस की वर्दी, सीने पर चमकता बैच, कंधों पर सिल्वर स्टार और सिर पर सजी टोपी—यह सब देख कोई भी धोखा खा जाए। लेकिन मऊ में यह रौबदार वर्दी असल में एक अधूरी मोहब्बत की तलाश का मुखौटा निकली।
Mau Police: उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी, सीने पर चमकता बैच, कंधों पर सिल्वर स्टार और सिर पर सजी टोपी—यह सब देख कोई भी धोखा खा जाए। लेकिन मऊ में यह रौबदार वर्दी असल में एक अधूरी मोहब्बत की तलाश का मुखौटा निकली। करीब डेढ़ दशक पुरानी क्लासमेट गर्लफ्रेंड को ढूंढने निकला एक युवक खुद को सीओ बताकर शहर में घूम रहा था, तभी स्थानीय लोगों की सूझबूझ से पूरी कहानी उजागर हो गई।
मऊ के शहर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पशु अस्पताल के आसपास का इलाका उस वक्त हैरान रह गया, जब एक लग्जरी कार (गाड़ी पर ACP लिखा) से उतरा वर्दीधारी अधिकारीनुमा युवक घर-घर पूछताछ करता नजर आया। चेहरे पर मास्क, चाल में रौब और वर्दी में अफसराना ठाठ—सब कुछ किसी बड़े अधिकारी का आभास दे रहा था। लेकिन उसकी बेचैनी और सवालों का अंदाज लोगों को खटक गया। वह किसी ऐसे शख्स को तलाश रहा था, जिसका नाम समय की धूल में कहीं खो चुका था। शक गहराया तो स्थानीय नागरिकों ने हिम्मत दिखाई और शहर कोतवाली को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब पूछताछ शुरू की, तो अफसर की वर्दी में छिपी कहानी परत-दर-परत खुलती चली गई।
असली बिना वर्दी पुलिस वाले (ASP MAU) के सामने हाथ जोड़कर वर्दी धारी फर्जी पुलिस वाला खड़ा, छोड़ देने की मिननते करता, युवक कोई सीओ नहीं, बल्कि करीब 15 साल पहले की अपनी गर्लफ्रेंड जिससे उससे किसी परीक्षा के दौरान परिचय हुआ गया था उसकी तलाश में मऊ पहुंचा था। लोगों से पूछताछ करते-करते उसने खुद को अधिकारी बताना शुरू कर दिया, ताकि कोई सवाल न करे।
अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया पकड़े गए युवक की पहचान 34 वर्षीय प्रभात पांडेय(अविवाहित), पुत्र सुधाकर पांडेय के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सिद्धार्थनगर जनपद का निवासी है। उसके पिता फरवरी वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस से इंस्पेक्टर रैंक से सेवानिवृत्त हुए हैं और वर्तमान में वाराणसी में रहते हैं। बताया जा रहा है कि युवक गंभीर बीमारी से ग्रसित है और मानसिक रूप से भी अस्वस्थ बताया जा रहा है।
पुलिस यह भी बता रही है कि जिस युवती की तलाश में वह मऊ आया था, उसकी शादी हो चुकी है। इसी वजह से पुलिस इस पहलू पर अधिक टिप्पणी करने से बच रही है। फिलहाल फर्जी वर्दी पहनने और खुद को अधिकारी बताने के मामले में युवक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना न सिर्फ एक अधूरी प्रेम कहानी की टीस बयां करती है, बल्कि यह भी सिखाती है कि चमकती वर्दी और रौबदार अंदाज हमेशा सच्चाई नहीं होते—कभी-कभी इनके पीछे छुपी होती है एक टूटी हुई कहानी।