
यूपी के मऊ जनपद में प्रेम, छल और साजिश की ऐसी कहानी सामने आई है जिसने न केवल जिले बल्कि पड़ोसी जनपद गाजीपुर तक हलचल मचा दी है। तीन बच्चों की मां के कथित अपहरण की सूचना से शुरू हुई पुलिस जांच ने जब परतें खोलीं तो कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं निकली। तीन बच्चों की मां, छह प्रेमी और झूठे अपहरण का खुलासा, पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली परतें।
मामला उस समय प्रकाश में आया जब नसीरपुर गांव के निवासी महिला के पति सुरेमन ने थाना सराय लखनसी में पत्नी गीता देवी (38) के अपहरण की सूचना दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। महिला का मोबाइल स्विच ऑफ मिला, लेकिन पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालते हुए कई संदिग्ध नंबरों तक पहुंच बनाई।
जांच आगे बढ़ी तो जो तथ्य सामने आए, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। पता चला कि महिला का एक नहीं बल्कि कुल छह प्रेमियों से संपर्क था, जिनमें मऊ और गाजीपुर के युवक शामिल थे।
जांच में यह भी सामने आया कि एक 65 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति भी महिला के संपर्क में था, जो उससे नियमित बातचीत करता था और मुलाकात भी करता था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस की तकनीकी टीम ने लोकेशन ट्रैक करते हुए महिला को उसके झारखंड के हजारीबाग निवासी चालीस वर्षीय प्रेमी उमेश के साथ मुगलसराय जंक्शन पर उस समय पकड़ लिया, जब दोनों पटना (बिहार) जाने के लिए ट्रेन में सवार होने वाले थे।
पकड़े जाने के बाद पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह अपनी स्वेक्षा से प्रेमी के साथ गई थी। जिसकी जानकारी उसके पति को थी, उसने पुलिस से बचने के लिए पुराना सिम कार्ड तोड़ दिया था और नया सिम इस्तेमाल कर रही थी। हालांकि मऊ पुलिस की सक्रियता के आगे उसकी योजना सफल नहीं हो सकी।
प्रेमी ने बदला रुख, पति ने भी किया इनकार
पकड़े जाने के बाद महिला अपने प्रेमी के साथ रहने पर अड़ी रही, लेकिन गिरफ्तारी के बाद प्रेमी ने उसे साथ रखने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, पति ने भी पत्नी को साथ रखने से साफ मना कर दिया।
झूठी सूचना का मामला दर्ज
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि पति को उसके प्रेम प्रपंचों के बारे में पता था और पत्नी के प्रेमी के साथ जाने की जानकारी भी थी, फिर भी उसने पुलिस को गुमराह करते हुए अपहरण की झूठी सूचना दी।
पुलिस ने मामले में पति, पत्नी और प्रेमी, तीनों के खिलाफ झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने के आरोप में चालान कर दिया है।
यूपी के मऊ जनपद में प्रेम, छल और साजिश की ऐसी कहानी सामने आई है जिसने न केवल जिले बल्कि पड़ोसी जनपद गाजीपुर तक हलचल मचा दी है। तीन बच्चों की मां के कथित अपहरण की सूचना से शुरू हुई पुलिस जांच ने जब परतें खोलीं तो कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं निकली।
मामला उस समय प्रकाश में आया जब नसीरपुर गांव के निवासी महिला के पति सुरेमन ने थाना सराय लखनसी में पत्नी गीता देवी (38) के अपहरण की सूचना दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। महिला का मोबाइल स्विच ऑफ मिला, लेकिन पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालते हुए कई संदिग्ध नंबरों तक पहुंच बनाई।
जांच आगे बढ़ी तो जो तथ्य सामने आए, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। पता चला कि महिला का एक नहीं बल्कि कुल छह प्रेमियों से संपर्क था, जिनमें मऊ और गाजीपुर के युवक शामिल थे।
जांच में यह भी सामने आया कि एक 65 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति भी महिला के संपर्क में था, जो उससे नियमित बातचीत करता था और मुलाकात भी करता था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस की तकनीकी टीम ने लोकेशन ट्रैक करते हुए महिला को उसके झारखंड के हजारीबाग निवासी चालीस वर्षीय प्रेमी उमेश के साथ मुगलसराय जंक्शन पर उस समय पकड़ लिया, जब दोनों पटना (बिहार) जाने के लिए ट्रेन में सवार होने वाले थे।
पकड़े जाने के बाद पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह अपनी स्वेक्षा से प्रेमी के साथ गई थी। जिसकी जानकारी उसके पति को थी, उसने पुलिस से बचने के लिए पुराना सिम कार्ड तोड़ दिया था और नया सिम इस्तेमाल कर रही थी। हालांकि मऊ पुलिस की सक्रियता के आगे उसकी योजना सफल नहीं हो सकी।
पकड़े जाने के बाद महिला अपने प्रेमी के साथ रहने पर अड़ी रही, लेकिन गिरफ्तारी के बाद प्रेमी ने उसे साथ रखने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, पति ने भी पत्नी को साथ रखने से साफ मना कर दिया।
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि पति को उसके प्रेम प्रपंचों के बारे में पता था और पत्नी के प्रेमी के साथ जाने की जानकारी भी थी, फिर भी उसने पुलिस को गुमराह करते हुए अपहरण की झूठी सूचना दी।
पुलिस ने मामले में पति, पत्नी और प्रेमी, तीनों के खिलाफ झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने के आरोप में चालान कर दिया है।
Published on:
28 Feb 2026 07:51 pm
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