
AIMIM UP Assembly Election:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की तैयारी में जुटी है, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सहित विपक्षी दल भाजपा को रोकने के लिए एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं। सीट बंटवारे पर अभी सहमति नहीं बनी है। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बड़ा संकेत दिया है।
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मऊ में मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि पार्टी की तैयारी पहले 200 सीटों पर बताई जा रही थी, लेकिन संगठन का काम पूरे 403 विधानसभा क्षेत्रों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा, 'अगर हम अकेले चुनाव लड़ते हैं तो 200 सीटों पर तैयारी है। लेकिन इंशाअल्लाह, जल्द ही उत्तर प्रदेश में नई राजनीतिक हलचल दिखेगी। एक मजबूत तीसरा मोर्चा बनेगा और इसकी घोषणा जल्द होगी। वरना हमारा मोर्चा सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगा।' पार्टी पिछले कुछ वर्षों से यूपी में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
इससे पहले 4 अक्टूबर को श्रावस्ती में AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और तथाकथित सेक्युलर दलों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि सपा और सेक्युलर पार्टियां बार-बार कहते हैं कि ओवैसी आएंगे तो वोट बंट जाएंगे। ओवैसी ने जवाब दिया, 'यह दावत आपकी नहीं है और हम आपके मेहमान नहीं हैं। यह भारतीय लोकतंत्र का मेला है। हमने उत्तर प्रदेश में अपना झंडा गाड़ दिया है और यह झंडा लहराता रहेगा।'
ओवैसी ने योगी सरकार पर मदरसों, कब्रिस्तानों और दरगाहों को लेकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 से ज्यादा मदरसों पर बुलडोजर चलाया गया और करीब 37 कब्रिस्तान-दरगाहें गिराई गईं। सपा के नेता क्यों नहीं पहुंचे? क्योंकि ये गरीब मुसलमानों की निशानियां हैं। उन्होंने इसे योगी और अखिलेश के बीच ‘फिक्स्ड मैच’ बताया, जिसमें एक गिराता रहता है और दूसरा वोट बटोरता रहता है। ओवैसी ने कहा कि अब इस खेल में सिद्धांतों वाले व्यक्ति की एंट्री हो गई है।
ओवैसी के बयान से साफ है कि AIMIM खुद को मुख्य विपक्षी गठबंधन से अलग रखना चाहती है। सपा-कांग्रेस गठबंधन की चर्चा चल रही है, लेकिन सीट बंटवारे पर अड़चन बनी हुई है। AIMIM तीसरा मोर्चा बनाने की बात कर तीसरे विकल्प की राजनीति खेल रही है। अगर मोर्चा नहीं बना तो पूरी ताकत से 403 सीटों पर उतरने का ऐलान पार्टी को मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मजबूत बनाने की रणनीति का हिस्सा लगता है।
यूपी में मुस्लिम वोट बैंक करीब 19 प्रतिशत है। AIMIM इसे अपने पक्ष में करने की कोशिश में है। शौकत अली के बयान से पार्टी की तैयारी का अंदाजा मिलता है कि वह सिर्फ सीमित सीटों तक सीमित नहीं रहना चाहती।