Mau News: बढ़ती महंगाई से परेशान सेंट्रिंग कार्य से जुड़े कारीगरों और श्रमिकों ने अपने पारिश्रमिक में बढ़ोतरी की मांग उठाई है। इस संबंध में सेंट्रिंग जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सेंट्रिंग कार्य के मौजूदा रेट में संशोधन की मांग की। समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि भवन निर्माण […]
Mau News: बढ़ती महंगाई से परेशान सेंट्रिंग कार्य से जुड़े कारीगरों और श्रमिकों ने अपने पारिश्रमिक में बढ़ोतरी की मांग उठाई है। इस संबंध में सेंट्रिंग जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सेंट्रिंग कार्य के मौजूदा रेट में संशोधन की मांग की।
समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि भवन निर्माण में सेंट्रिंग कर्मियों की अहम भूमिका होती है, लेकिन लगातार बढ़ती महंगाई के कारण उनकी आय और खर्च के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दशकों में निर्माण सामग्री के दाम में काफी बढ़ोतरी हुई है।
पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 2005-06 में पटरा, बांस और प्लाई की कीमतें काफी कम थीं, लेकिन वर्तमान समय में इनके दाम कई गुना बढ़ चुके हैं। उस समय पटरा करीब 20 रुपये में मिलता था, जो अब लगभग 85 रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह बांस की कीमत 45 रुपये से बढ़कर करीब 105 रुपये हो गई है, जबकि प्लाई की कीमत 1250 रुपये से बढ़कर करीब 2200 रुपये तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा मजदूरों की मजदूरी में भी करीब 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है।
समिति का कहना है कि इन सबके बावजूद सेंट्रिंग कार्य का रेट अभी भी 30 से 35 रुपये प्रति वर्ग फीट ही मिल रहा है, जिससे इस पेशे से जुड़े लोगों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन की ओर से प्रस्ताव पारित कर सेंट्रिंग कार्य का रेट बढ़ाकर 40 रुपये प्रति वर्ग फीट किए जाने और बीम की माप अलग से निर्धारित करने की मांग की गई है। साथ ही जिलाधिकारी से इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है, ताकि सेंट्रिंग कर्मियों और श्रमिकों को उचित मेहनताना मिल