युपी पुलिस के दरोगा का क्रूर चेहरा, आरोपी से जबरदस्ती जुर्म कबुलवाने के लिये की दर्दनाक पिटायी।
मऊ. उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में यूपी पुलिस के एक दरोगा की मनमानी और बेरहमी का वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में वह एक युवक को दो पुलिस वालों से पकड़वाकर बुरी तरह बेल्ट से पिटायी कर रहा है। पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि उस पर रेप का गुनाह कबूल करने के लिये थर्ड डिग्री इस्तेमाल कर दबाव बनाया जा रहा है। उनका दावा है कि जांच में लड़की से रेप साबित नहीं हुई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। पुलिस के आला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद अब दरोगा के खिलाफ जांच की जा रही है।
ये है पूरा मामला
दरअसल मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की घोसी कोतवाली स्थित अपनी मौसी के गांव में रहकर पढ़ाई करती ह। लड़की के परिजनों ने उसी गांव में अपनी नानी के घर रह रहे युवक अजीत यादव पर आरोप लगाया कि वह उनकी नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर 13 मार्च को अपने साथ भगा ले गया था। उनका दावा था कि लड़की के साथ 13 दिनों तक लगातार दुष्कर्म किया गया। इसके बाद वह लड़की को घर वापिस छोड़ गया।
इसके बाद घोसी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी अजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया। लड़की का भी मेडिकल मुआयना कराने के साथ ही मजिस्ट्रेटियल जांच करायी गयी। परिजनों के मुताबिक जांच में कुछ नहीं मिला। वहीं मजिस्ट्रेटियल जांच में भी लड़की ने अपना बयान दर्ज कराया कि वह अपनी मौसी से नाराज होकर सहेली के घर चली गयी थी। गुस्सा शांत होने के बाद वह फिर मौसी के घर वापिस आ गयी। अजीत के परिजनों का कहना है कि इन जांचों में लड़की के परिजनों की ओर से उसके उपर लगाए गए सारे इल्जाम गलत साबित हुए।
परिजनों का कहना है कि जब अजीत गुनाहगार नहीं था तो उस पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल क्यों किया गया। दरोगा ने उसे कोतवाली में खम्भे के सहारे दो पुलिस वालों से पकड़वाकर क्यों थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। इस मामले में अब पुलिस अपनी जांच कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवाजी शक्ला ने बताया कि थानाध्ययक्ष ने रिपोर्ट एसपी को भेजी है। यदि वह दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
by Vijay Mishra