बिना स्वास्थ्य विभाग विवि ने करवाइ कर्मचारियों की जांच 10 प्रतिशत कर्मचारियों में मिली आंशिक कमी बाकी स्वस्थ
मेरठ ( meerut news) कोरोना संक्रमण काे देखते हुए सात दिनों में मेरठ विश्वविद्यालय के 503 कर्मचारियों का तीन स्तरीय शारीरिक परीक्षण किया गया जिसमें से 90 प्रतिशत कर्मचारी कोरोना से लड़ने के लिए शारीरिक रूप से मजबूत पाए गए। महज 10 प्रतिशत कर्मचारियों में आंशिक कमी मिली है। इन कर्मचारियों को अपने डॉक्टर से मिलने व कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी गई।
कुलपति ने ली स्वास्थ्य परीक्षण की जानकारी
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र कुमार तनेजा ने जंतु विज्ञान विभाग में जाकर स्वास्थ्य परीक्षण की जानकारी ली। कुलपति ने अभियान की तारीफ करते हुए उन्हाेंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान चलाने चाहिए। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति प्रोफेसर वाई विमला स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान की लगातार निगरानी करती रही। प्रत्येक दिन की रिपोर्ट उन्होंने देखी इस दाैरान उन्होंने इस बात पर संताेष जताया कि अधिकांश कर्मचारी कोरोना वायरस से लड़ने में सक्षम है।
प्रत्येक कर्मचारी की हुई काउंसलिंग
कुलपति स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान के तहत विश्वविद्यालय के 503 कर्मचारियों का तीन स्तरीय स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के पश्चात कर्मचारियों की रिपोर्ट देख जंतु विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता ने काउंसलिंग की काउंसलिंग कर सभी को स्वस्थ रहने के लिए सावधानियां बरतने व भारतीय जीवन शैली को अपनाने की सलाह दी।
प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता ने बताया कि एचबीए वन सी के लिए परीक्षण किए गए 30 रोगियों में से, जो मधुमेह के लिए एक मानक परीक्षण है। 20 रोगियों का सामान्य एचबीए व सी के स्तर से ऊपर था। 13 रोगियों का पता लगाया गया तो उन्हें कुल ल्यूकोसाइट गिनती कम मिली, जबकि आठ रोगियों में कुल ल्यूकोसाइट काउंट थे।