महापंचायत में असामाजिक तत्वों का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया
मेरठ। नेशनल इन्वेटिगेशन एजेंसी (एनआर्इए) की आर्इएस से जुड़े संदिग्धों को लेकर छापेमारी के बाद मेरठ के किठौर क्षेत्र का राधना गांव चर्चाआें मे आ गया है। आरोपी नर्इम के पकड़े जाने के बाद से लोगों में रोष है आैर आसमाजिक तत्वों आैर हथियार तस्कारों के कारण बदनाम हुए इस गांव के इस्लामिया मदरसे में मुस्लिमों ने महापंचायत की। इसमें आसपास के गांव के काफी लोग शामिल हुए। महापंचायत में शामिल लोगों ने हथियार तस्करों समेेत असामाजिक तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ ली।
गलत काम के विरोध को लेकर महापंचायत
राधना गांव के इस्लामिया मदरसे में हुर्इ महापंचायत में हथियार तस्करी, गोकशी, जुआ, सट्टा या अन्य कोर्इ गलत काम करने का विराेध जताया गया। जमीयत उलमा मेरठ के जिला सदर मौलाना अमीर आलम ने कहा कि इस्लाम आपसी सौहार्द आैर अमन का पैगाम देता है। फिर मुस्लमान किसी भी कौम आैर बिरादरी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता। उन्होंने महापंचायत में शामिल लोगों को अवैध धंधा करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ दिलार्इ।गांव के पूर्व ग्राम प्रधान अब्दुल जब्बार ने कहा कि गांव में चल चल रहे आपराधिक प्रवृत्ति के कुछ लोगों ने देशभर में गांव की बदनामी करा दी है। राधना की पहचान पूरे देश में हथियार तस्करों के नाम से हो रही है। कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की वजह से अन्य राज्यों की पुलिस भी दबिश देती रही है, लेकिन गांव की आेर से कोर्इ आवाज नहीं उठार्इ गर्इ। राधना गांव एनआर्इए के रडार पर भी आ गया है।
इन गांवाें के लोग हुए शामिल
राधना गांव के साथ-साथ बहरोड़ा, इंद्रपुरा, भगवानपुर, नवल, ललियाना, शौंदत, किठौर समेेत अन्य गांव के लोगों ने हथियार तस्कारों व अन्य असामाजिक तत्वों का बहिष्कार करने की शपथ ली।