मेरठ

AQI ने तोड़ा 107 साल का रिकार्ड, अगस्त 1913 जैसी हुई आबोहवा

Highlights . मौसम विभाग के अनुसार, इतना एक्यूआई तो पिछले कई दशकों से नहीं रहा. जिले की एयर क्वालिटी इंडेक्स ने प्रदेश के दूसरे जिलों को भी पछाड़ा  

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Apr 24, 2020

मेरठ। लॉकडाउन के दौरान पिछले एक माह में जनपद के पर्यावरण में कहीं सुधार हुआ है। एनसीआर और आस-पास के जिलों की हवा भी साफ हुई है। जनपद की एयर क्वालिटी इंडेक्स के मामले में प्रदेश के सभी जिलों को पछाड़ दिया है। लंबे समय बाद जिले में पर्यावरण की हालत सुधरी है। मंगलवार को जिले का एक्यूआई 88 तक पहुंच गया। अभी तक यह सबसे अच्छा एक्यूआई माना जा रहा है। मौसम विभाग की माने तो लॉकडाउन की वजह से ऐसा हुआ है।

भूगोलविद डॉ. कंचन सिंह ने बताया कि मेरठ की आबोहवा इससे पहले बेहतर कभी नहीं रही। उन्होंने बताया कि ऐसा 19वीं सदी के शुरूआती दौर में हुआ करता था। लेकिन जैसे-जैसे देश तरक्की करता गया, देश के साथ ही मेरठ की आबोहवा भी खराब होती चली गई। बता दें कि मेरठ का एक्यूआई 350 से 400 के बीच ही रहा है। लेकिन लॉकडाउन के बाद से मेरठ समेत पूरे एनसीआर की आबोहवा में सुधार हुआ है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स लॉकडाउन के बाद से 150 से पार नहीं हुआ है।

देश में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद 23 मार्च को लॉकडाउन शुरू हुआ था। इस लिहाज से 21 मार्च मेरठ में वह अंतिम दिन था, जिस दिन लोग सड़कों पर थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय मानकों के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) शून्य से 50 तक हो। वह सबसे अच्छा माना जाता है। उसी प्रकार 51 से 100 तक AQI वाले शहर को संतुष्टिजनक और 100 से 200 वाली श्रेणी को मध्यम तथा 200 से 300 वाली श्रेणी के शहर को गंभीर स्थिति में माना जाता है।

जनपद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार, 21 मार्च को मेरठ का एक्यूआई सबसे अधिक 210 था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से मंगलवार को जारी की गई रिपोर्ट में एयर क्वालिटी इंडेक्स 88 दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मेरठ के सीनियर साइंटिस्ट एसपी सिंह ने बताया कि पिछले करीब एक माह से लॉकडाउन के कारण आवागमन बंद है। बसें, कंपनी आदि सभी बंद है। पर्यावरण में 80 से 85 प्रतिशत तक सुधार आया है। इस समय पर्यावरण पूरी तरह से साफ है।

Updated on:
24 Apr 2020 03:54 pm
Published on:
24 Apr 2020 03:53 pm
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