गठबंधन के बाद मेरठ में दोनों दल के कार्यकर्ता जश्न के लिए जुटे
मेरठ। लखनऊ में सपा-बसपा के गठबंधन का ऐलान होते ही मेरठ में जश्न की तैयारी शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी और बसपा के कार्यकर्ता इस जश्न की तैयारी में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि ऊपर से ही दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को आदेश मिले हैं कि वे जिलों में गठबंधन को लेकर कार्यक्रम करें। जिनमें दोनों ही दलों के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। हालांकि दोनों दलों के लिए ये आदेश कार्यकर्ताओं को कहा तक एक-दूसरे के नजदीक लाएंगे। यह कहना तो मुश्किल है। लेकिन इतना तय है कि इसका असर जरूरी पश्चिम की राजनीति पर पडे़गा।
आज यह कार्यक्रम विवि रोड पर रखा गया है। जहां पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एकत्र होंगे और वहां पर पहुंचकर साइकिल रैली निकालेंगे। वहीं सपा की ओर से बसपा कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया गया है। इसी कार्यक्रम पर मीडिया और अन्य दलाें नजर लगी हुई है। हालांकि भले ही यह कार्यक्रम देखने में छोटा सा प्रतीत होता हो, लेकिन इसके बहुत बड़े मायने माने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम से ही दोनों दलों के दिल कितने मिल रहे हैं इसकी जमीनी हकीकत का पता चल सकेगा। बताते चलें कि मेरठ में सपा-बसपा का शुरू से ही 36 का आंकड़ा रहा है। दोनों ही दलों में राजनैतिक और व्यापार में भी एक-दूसरे के प्रति़द्वंदियों का प्रभुत्व रहा है।
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बसपा का नेतृत्व शुरू से ही धनबल में समर्थ याकूब कुरैशी करते रहे हैं तो वहीं समाजवादी पार्टी का नेतृत्व एक जमाने में शाहिद अखलाख करते रहे हैं। हालांकि बाद में शाहिद अखलाख भी बसपा में शामिल हो गए थे। लेकिन दोनों की राजनैतिक अदावत किसी से छिपी नही थी। यहीं कारण रहा कि सपा और बसपा कार्यकर्ताओं के दिल भी नहीं मिल सके। हालांकि दोनों दलों के गठबंधन का असर पश्चिम उप्र की राजनीति पर कितना पड़ता है यह तो आने वाला समय ही बताएंगा लेकिन इतना तय है कि इससे राजनीति दलों में भी सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है।