मेरठ

सीएम योगी ने बकरीद से पहले इस एसएसपी पर जतार्इ थी खूब नाराजगी, अब किया यह काम

119 दिन के कार्यकाल में नहीं रोक पाए जनपद में अपराध
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Updated: 29 Aug 2018, 11:01 AM IST
meerut
सीएम योगी ने बकरीद से पहले इस एसएसपी पर जतार्इ थी खूब नाराजगी, अब किया यह काम

मेरठ। बकरीद से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्इ पुलिस अफसरों पर नाराजगी जतार्इ थी। साथ ही विधान सभा सत्र में प्रदेश में अपराध निरंकुश होने के सवाल विपक्ष के नेताआें से झेलने पड़ रहे थे। सीएम योगी ने कुछ आर्इपीएस अफसरों पर खुलेतौर पर गुस्सा दिखाते हुए सुधरने की नसीहत दे डाली थी। इसके बावजूूद कर्इ जनपदों में अपराधों पर अंकुश नहीं लग पा रहे थे। खासतौर पर मेरठ जनपद का नाम लेते हुए मुख्यमंत्री ने काफी नाराजगी दिखार्इ थी आैर बकरीद के बाद फेरबदल करने के संकेत दिए थे। मुख्यमंत्री ने वैसा ही कर दिया। एसएसपी मेरठ राजेश कुमार पांडेय को पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षण एवं सुरक्षा) लखनउ भेजा गया है, कानपुर के एसएसपी अखिलेश कुमार को मेरठ का नया एसएसपी बनाय गया है। राजेश कुमार का कार्यकाल 119 दिन का रहा। इसमें सरधना आैर उल्देपुर में जातीय संघर्ष के अलावा कर्इ आपराधिक घटनाएं हुर्इ।

'बहुत मनमानी हो चुकी, सुधर जाएं'

दरअसल, बकरीद से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी इस त्योहार को लेकर हुर्इ वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के बाद से ज्यादा बढ़ गर्इ थी। इसमें कर्इ अफसरों के गैरजिम्मेदारना रवैए ने उनकी नाराजगी को बढ़ाने का ही काम किया। बताते हैं कि वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के बाद मुख्यमंत्री ने कर्इ परिक्षेत्रों व जनपदों में पुलिस अफसरों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जतार्इ थी। मुख्यमंत्री ने अपराध नहीं रोक पाने वाले पुलिस अफसरों की तभी से सूची बनवानी शुरू कर दी थी आैर बकरीद के बाद इनके जनपद बदलने के संकेत दे दिए थे, जिन पर अब काम हुआ है। योगी का साफ कहना है कि भाजपा सरकार में पुलिस अफसरों पर राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं हो रहा है आैर उन्हें अपराध नियंत्रण की पूरी छूट दे रखी है तो वे क्या कर रहे हैं। बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने खास तौर पर मेरठ, प्रतापगढ़ व पूर्वांचल के कुछ जिलों के अफसरों के कामकाज पर असंतोष जताया था। फिर भी उन्होंने आगाह किया था कि सभी अफसर सुधर जाएं। जिस काम के लिए तैनात किए गए हैं, उसमें सर्वश्रेष्ठ दिखाना होगा। इसके बाद अब पुलिस अफसरों को बदलने का निर्णय लिया।

तब बढ़ गया था मुख्यमंत्री का पारा

बकरीद के मौके पर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो रही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान चाय की चुस्कियां लेते हुए अन्य अफसरों से बात करते हुए एक सीनियर पुलिस अधिकारी को भारी पड़ गया। उनके इस गैरजिम्मेदाराना रवैये पर मुख्यमंत्री बहुत नाराज हुए थे। मुख्यमंत्री ने डीजीपी के निर्देशों के बारे में इस सीनियर अधिकारी से सवाल किया तो अफसर इसक जवाब सही तरीके से नहीं दे पाए थे। मुख्यमंत्री ने अफसर को जमकर फटकार लगाते हुए सुधर जाने की चेतावनी दी। इस अफसर की कार्यशैली से मुख्यमंत्री के गुस्से की आंच दूसरे अफसरों तक भी पहुंच गर्इ।

मेरठ जनपद की ये आपराधिक घटनाएं

पिछले करीब महीनेभर से मेरठ जनपद में लगातार आपराधिक व संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं। सरधना में कपसाढ़, गंगानगर में उल्देपुर में ठाकुर-दलित संघर्ष, खरखौदा क्षेत्र में पति-पत्नी की हत्या, इसी दिन दो सगे भाइयों पर बदमाशों के हमले में एक भार्इ की मौत, मां-बेटी पर बदमाशों के हमले में मां की हत्या समेत कर्इ घटनाएं एेसी हैं, जिनमें मेरठ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे। मुख्यमंत्री की नाराजगी मेरठ जनपद के एसएसपी राजेश कुमार पांडे पर इसीलिए भारी पड़ गर्इ।

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