पुलिस अफसर के आश्वासन के बाद ही लोगों ने घेराव खत्म किया
मेरठ। मेरठ। लाेगों का पुलिस के प्रति गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। बुलंदशहर बवाल के बाद एेसे कर्इ वाकये हो चुके हैं, जब लोगों ने पुलिस के खिलाफ अपना गुस्सा दिखाया है। एेसा ही एक मामला मेरठ के सिवालखास में देखने में आया। सिवालखास में भीड़ ने एक दरोगा को घेर लिया आैर उसके साथ हाथापार्इ कर दी। लोगों का कहना था कि दरोगा का व्यवहार ठीक नहीं है आैर बेवजह टिप्पणी करने के कारण उन्हें गुस्सा आ गया। हालांकि भीड़ से घिरता देख चेयरपर्सन पति ने दरोगा को भीड़ से निकालकर अपनी गाड़ी में वहां से निकाला। माना जा रहा है कि अगर एेसा नहीं होता तो यहां बड़ा बवाल हो सकता था।
धार्मिक स्थल के बाहर डंडा चलाया
कस्बा सिवालखास में करीब ढार्इ बजे बुड्ढापीर नाले के पास चौकी प्रभारी धनवीर सिंह चेकिंग कर रहे थे। जुमे की नमाज से लौट रहे बाइक सवार युवक का हेलमेट न लगाने पर पुलिस ने चालान काट दिया। इसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने एक धार्मिक स्थल के बाहर खड़े ठेली-खोमचे हटवा दिए आैर विरोध करने पर डंडा चला दिया। इससे भगदड़ मच गर्इ आैर कई लोग नाली में गिरकर चोटिल हो गए। बताते हैं कि दरोगा ने लाठी फटकारने में ही यहां मौजूद लोगों पर विवादित टिप्पणी कर दी। इस पर लोग भड़क गए आैर दरोगा को घेर लिया। इस दौरान चेयरपर्सन पति गुलजार चौहान वहां पहुंच गए आैर अपनी गाड़ी में बिठाकर अपने घर ले आए।
भीड़ ने घेराव किया
चेयरपर्सन की गाड़ी का पीछे करते-करते भीड़ उनके घर तक पहुंच गर्इ आैर उनके घर का घेराव कर दिया। घेराव कर रहे लोगाें ने दरोगा को जमकर खरीखोटी सुनार्इ आैर चौकी से हटाने की मांग की। लाेगों का इतना विरोध था कि वे दरोगा से हाथापार्इ तक उतर आए। चेयरपर्सन पति ने दरोगा को यहां से भी निकलवाकर किसी तरह थाने तक छुड़वाया। सीआे सरधना संतोष कुमार सिंह के दरोगा को चौकी से हटाने के आश्वासन के बाद ही लोग शांत हुए।