Highlights सिविल एरिया के सभी एक्जिट प्वाइंट बंद किए कैंट क्षेत्र में सेना के जवान और क्यूआरटी तैनात सैन्य क्षेत्र में आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध
मेरठ। कोरोना वायरस को लेकर हुए लॉकडाउन के तहत अब सेना भी सजग हो गई है। सेना ने कैंट एरिया को पूरी तरह से सील कर दिया है। सभी आने-जाने वाली सड़कों को भी ब्लाक कर दिया है। पूरे कैंट में क्यूआरटी तैनात कर दी गई है। सिविल एरिया के सभी एक्जिट प्वाइंट को सेना ने बंद कर दिया है। सेना के जवान और क्यूआरटी संगीनों के साथ हर प्वाइंट पर तैनात कर दी गई है।
देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सेना ने कमर कस ली है। कोरोना वायरस महामारी से लडऩे के लिए सेना ने 'ऑपरेशन नमस्ते' की शुरुआत करने की घोषणा आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने की थी। देश में कोरोना वायरस से लडऩे के लिए सेना ने कुल आठ क्वारंटाइन केंद्रों को स्थापित किया है। वहीं मेरठ में सेना ने इसकी बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू कर दी है। मेरठ में कैंट इलाके में सेना ने सभी की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। किसी भी सिविलियन को कैंट इलाके में जाने की छूट नहीं है। 'ऑपरेशन नमस्ते' का ऐलान करने के बाद से ही सेना इस तैयारी में जुट गई थी।
मीडिया से बात करते हुए एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में सरकार की मदद करना उनका कर्तव्य है। सेना ने सभी अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है और ऑपरेशन नमस्ते को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिचालन कारणों से भारतीय सेना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर सकती। इसलिए, देश की रक्षा के लिए हमें खुद को सुरक्षित और फिट रखना बेहद जरूरी है।
बता दें कि ऐसे समय में जवानों की छुट्टी को रद्द कर दिया गया है। सैन्य अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2001-02 में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान सेना के जवानों ने आठ से दस महीने तक छुट्टी नहीं ली थी। देश में कोरोना वायरस के कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ते हुए 800 से पार पहुंच गया है। इसमें से अब तक 19 की मौत हो चुकी हैं जबकि 78 लोग ठीक हो चुके हैं।