Bakrid 2026 Security Guidelines: अगर आप मेरठ रेंज में रहते हैं, तो बकरीद से पहले प्रशासन की ओर से जारी इन सख्त हिदायतों को जरूर पढ़ लें, वरना एक छोटी सी भूल भी भारी पड़ सकती है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ रेंज में बकरीद को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। सभी जिलों में त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। नमाज स्थलों से लेकर भीड़भाड़ वाले इलाकों तक पुलिस की अतिरिक्त निगरानी रहेगी। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी और लगातार फ्लैग मार्च व पैदल गश्त कराई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मेरठ रेंज में इस बार 173 ईदगाह और 515 मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे रेंज में 23 जोन, 79 सेक्टर और 49 क्यूआरटी गठित की गई हैं। साथ ही अलग-अलग स्थानों पर क्विक रिस्पॉन्स टीमों की भी तैनाती की गई है, ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई हो सके।
मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि त्योहार के दौरान परंपरागत व्यवस्था से हटकर कोई नया कार्यक्रम या जुलूस नहीं होने दिया जाएगा। थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्ज को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने मिश्रित आबादी वाले मोहल्लों, प्रमुख मस्जिदों, ईदगाहों और बकरा मंडियों को विशेष निगरानी में रखा है। इन इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा कई स्थानों पर स्थायी पुलिस पिकेट भी बनाई जा रही हैं, जहां चौबीस घंटे जवान मौजूद रहेंगे। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान बाजारों और पशु मंडियों में भी भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए चोरी, झगड़े और लूटपाट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस टीमों को लगातार पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। पुलिस की साइबर और सोशल मीडिया टीम फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर लगातार मॉनिटरिंग करेगी। अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट डालने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इस बार मेरठ रेंज में करीब छह हजार पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। इनमें पीएसी, होमगार्ड और पीआरडी जवान भी शामिल हैं। संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों से लाइव निगरानी की जाएगी, जबकि कई जगहों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए जाएंगे।