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Anupam Chaudhary, a resident of Meerut: उत्तराखंड में बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलीकॉप्टर अचानक खराब मौसम की चपेट में आ गया। जिससे हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। दुर्भाग्य रहा की इमरजेंसी लैंडिंग के समय हेलीकॉप्टर बिजली के तार से टकरा गया। लेकिन इन सब घटनाओं के बाद भी पायलट ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार लिया। जिसमें पायलट सहित 6 यात्री सुरक्षित बच गए। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। आज मेरठ की रहने वाली महिला पायलट की बहादुरी की चर्चा लोगों की जुबान पर है।
उत्तर प्रदेश की मेरठ के रोहटा की रहने वाली अनुपम चौधरी की बहादुरी कि लोग दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं। अनुपमा चौधरी ट्रांस भारत एवियशन की कैप्टन है और उत्तराखंड में बद्रीनाथ की हेलीकॉप्टर सेवा में अपनी ड्यूटी दे रही है। बीते बुधवार को अनुपमा चौधरी श्रद्धालुओं को लेकर बद्रीनाथ से देहरादून आ रही थी। अचानक मौसम खराब हो गया। तेज हवाओं के बीच हेलीकॉप्टर लहराने लगा।
बहादुरी का परिचय देते हुए अनुपमा चौधरी ने खेत में इमरजेंसी लैंडिंग का निर्णय लिया। इस बीच में बैठे श्रद्धालुओं को हिम्मत भी बढ़ाती रही। इमरजेंसी लैंडिंग के समय हेलीकॉप्टर एलटी लाइन से टकरा गया। जिससे हेलीकॉप्टर को झटका लगा। लेकिन अनुपमा चौधरी ने हिम्मत नहीं हारी और सफलतापूर्वक इमरजेंसी लैंडिंग कर जिंदगियों को बचा लिया।
अनुपम चौधरी का 2009 में भारतीय वायुसेना के लिए चयन किया गया। उनकी ट्रेनिंग उधमपुर में पूरी हुई। इंडियन जामनगर, अंबाला आदि एयर फोर्स स्टेशन पर उन्होंने अपनी सेवाएं दी। कैडेट से शुरू हुई यात्रा आगे चलकर फ्लाइंग अफसर और विंग कमांडर तक पहुंची। 2024 में विंग कमांडर के पद से ही अनुपम चौधरी ने बीआर ले लिया। लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। एमबीए पास करने के बाद अनूपमा चौधरी ने डीजीसीए की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्हें कमर्शियल पायलट का लाइसेंस मिला।
अनुपम चौधरी के पति अमित कुमार एयरफोर्स में विंग कमांडर है और लड़ाकू विमान जैगुआर उड़ाते हैं। पिता दरोगा से रिटायर हुए हैं। बहन इंजीनियर है। अनुपम चौधरी की बहादुरी, संयम और शांत स्वभाव की चर्चा खूब हो रही है।
Published on:
22 May 2026 07:29 pm
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