
रूह कंपा देगी पूरी वारदात
Minor Gangrape Meerut: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पिछले 25 दिनों से लापता एक 17 वर्षीय किशोरी को पुलिस और विशेष अभियान दल ने हरियाणा के पानीपत से बरामद कर लिया है। बरामदगी के बाद किशोरी ने जो आपबीती सुनाई, उसने पुलिस प्रशासन को झकझोर कर रख दिया।
मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र की रहने वाली इस नाबालिग लड़की को पहले बहला-फुसलाकर अगवा किया गया, फिर ओयो होटल में बंधक बनाकर शराब पिलाई गई और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इस पूरे मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और अब तक सात आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
यह पूरा मामला बीती 25 अप्रैल का है, जब खरखौदा कस्बे से अचानक यह किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो 26 अप्रैल को पीड़िता की लाचार मां ने खरखौदा थाने में न्याय की गुहार लगाई। मां की तहरीर पर पुलिस ने गंगानगर निवासी एक संदेही युवक के खिलाफ बहला-फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज किया था।
इसके बाद से ही पुलिस की कई टीमें और स्पेशल टास्क फोर्स लड़की की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई थीं। लगभग 25 दिनों के कड़े इनपुट के बाद आखिरकार पुलिस टीम हरियाणा के पानीपत पहुंचने में कामयाब रही, जहां से किशोरी को सकुशल रेस्क्यू किया गया।
बरामदगी के बाद जब महिला पुलिसकर्मियों ने किशोरी की काउंसलिंग की और उससे पूछताछ की, तो रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए। किशोरी ने बताया कि घर से निकलने के बाद वह मेरठ पहुंची थी। वहां पहले से ताक में बैठे खरखौदा के नालपुर गांव निवासी आकाश और ऋषभ ने उसे अपनी गाड़ी में जबरन बैठा लिया।
दोनों आरोपी उसे लालपुर स्थित एक ओयो (OYO) होटल में ले गए। वहां उनका तीसरा साथी सलमान भी पहुंच गया। होटल के कमरे में किशोरी को डरा-धमकाकर जबरन शराब पिलाई गई। जब वह होश खो बैठी, तो आकाश, ऋषभ और सलमान तीनों ने मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। अगली सुबह आरोपी उसे अधमरी हालत में गांव कैली के पास सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए।
होटल से छूटने के बाद बदहवास और डरी-सहमी किशोरी किसी तरह ट्रेन पकड़कर तीर्थ नगरी हरिद्वार पहुंच गई। हरिद्वार में उसे पानीपत के रहने वाले दो युवक, हर्ष और शनि मिले। किशोरी को अकेला और बेसहारा देख दोनों ने मदद का नाटक किया और उसे अपने साथ हरियाणा के पानीपत ले आए।
पानीपत लाकर उन्होंने किशोरी को अपने एक परिचित जाहिद के घर पर ठहरा दिया। हालांकि, इसी बीच तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से मेरठ पुलिस को लड़की के पानीपत में होने की सटीक सूचना मिल गई। पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर किशोरी को बरामद किया और वहां से हर्ष, शनि और जाहिद को भी दबोच लिया।
पानीपत से मेरठ लाए जाने के बाद जब पुलिस ने पीड़िता के विस्तृत बयान दर्ज किए, तो इस घिनौने खेल का एक और स्याह पन्ना सामने आया। किशोरी ने बताया कि इस पूरी घटना से पहले खरखौदा निवासी सैंकी नामक एक अन्य युवक भी उसके साथ कई बार डरा-धमकाकर दुष्कर्म कर चुका था। इस नए खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सैंकी को भी नामजद कर लिया।
इस तरह इस मामले में मुख्य आरोपी आकाश, ऋषभ उर्फ मनदीप, सलमान, सैंकी (दुष्कर्म के आरोपी) और पानीपत से गिरफ्तार हुए मददगार हर्ष, शनि व जाहिद समेत कुल 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, शुरुआती एफआईआर में जिस गंगानगर के युवक पर शक जताया गया था, जांच में उसकी संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला।
पुलिस प्रशासन ने किशोरी का सरकारी अस्पताल में कड़ा मेडिकल परीक्षण कराया है। इसके बाद पीड़िता को जिला पॉक्सो (POCSO) अदालत में पेश किया गया, जहां धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज कराए गए हैं। क्षेत्राधिकारी (CO) किठौर, प्रमोद कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मामला अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है।
आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। चूंकि लड़की नाबालिग है, इसलिए अब उसे किशोर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहां कोर्ट के आदेशानुसार ही यह तय किया जाएगा कि उसे उसके माता-पिता को सौंपा जाए या किसी संरक्षण गृह में रखा जाए। पुलिस का दावा है कि वह अदालत में पुख्ता सबूत पेश कर सभी सातों दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएगी।
Published on:
21 May 2026 05:45 pm
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