भाजपा की वेस्ट यूपी पर है कड़ी नजर प्रधानमंत्री आैर मुख्यमंत्री कर चुके दौरे मेरठ से जुड़े मुद्दे कर रहे भाषण में शामिल
मेरठ। सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन को चुनौती देने के लिए भाजपा ने वेस्ट यूपी की आेर रुख कर लिया है। मेरठ समेत वेस्ट यूपी के अन्य जनपदों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आैर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खास ख्याल है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री का मेरठ में सप्ताहभर में दूसरा चुनावी दौरा हो गया है आैर वे यहां गठबंधन से उभरी उन तमाम चुनौतियों को अपने भाषण में भी शामिल कर रहे हैं, ताकि जाति, धर्म, किसान, संप्रदाय के साथ-साथ विकास के मुद्दों को भी चुनाव में भुनाया जा सके। मुख्यमंत्री योगी ने अपने पिछली चुनावी सभा में मेरठ के 1857 के इतिहास से लेकर मोदी आैर अपनी सरकार के तमाम विकास के कार्य गिनवाए, जो जीत में सहयोग कर सके।
धन सिंह गुर्जर आए याद
मेरठ में हुर्इ जनसभा में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले 1857 में धन सिंह गुर्जर के नेतृत्व में क्रांति की अलख जलाने वाले क्रांतिकारियों को याद किया। मेरठ समेत वेस्ट यूपी के तमाम जनपदों में गुर्जर समाज की दमदार उपस्थिति है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने देश की मौजूदा सुरक्षित स्थिति लोगों को बताते हुए कहा कि किस तरह मोदी के राज में देश सुरक्षित रह सकता है। साथ ही कांग्रेस के राज में 'गरीबी हटाआे' के जवाहर लाल, इंदिरा गांधी आैर राजीव गांधी के नारे पर मोदी सरकार में गरीबों के लिए पिछले पांच साल में काम करने की उपलब्धि गिनवायी। वेस्ट यूपी में मुख्यमंत्री जितनी भी सभाएं कर रहे हैं, उनमें किसानों को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का नाम लेना नहीं भूल रहे तो गठबंधन में शामिल चौधरी अजित सिंह आैर जयंत चौधरी को लेकर वह कर्इ बातें कह चुके हैं। मुख्यमंत्री मेरठ की जनसभा में बागपत लोक सभा सीट पर पिछले चुनाव में पिता की तरह पुत्र जयंत को हराने की अपील लोगों से कर चुके हैं।
गठबंधन पड़ रहा भारी
वेस्ट यूपी की मेरठ-हापुड़ आैर बागपत लोक सभा सीटें एेसी हैं, जहां भाजपा पर गठबंधन के बेहद भारी पड़ने की उम्मीद जतार्इ गर्इ है। मेरठ-हापुड़ सीट पर मुस्लिम-दलित गठजोड़ का भाजपा के पास तोड़ नजर नहीं आ रहा तो बागपत में भी भाजपा-गठबंधन की स्थिति फिफ्टी-फिफ्टी की बतार्इ जा रही है। एेसे में भाजपा पूरी तरह गठबंधन से जुड़े उन तमाम मुद्दों को भुनाने की कोशिश कर रही है, जिससे गठबंधन को समर्थन देने वालों का रुख भाजपा की आेर हो जाए। बसपा नेता सुनील वाधवा का कहना है कि मेरठ में मुस्लिम-दलित वोटरों का समीकरण बहुत मजबूत है, इसलिए मेरठ-हापुड़ सीट पर मेयर चुनाव की तरह ही जीत दिलाएगा।