लोकसभा चुनाव 2019
नोएडा. लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी ने यूपी में सहयोगी पार्टी के साथ 73 सीट हासिल की थी। उसके बाद में विधानसभा चुनाव में भी प्रचंड बहुमत हासिल किया था। लेकिन यूपी में हुए उपचुनावों में बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ा था। उपचुनाव में बीजेपी फुलपुर, गोरखपुर और कैराना की सीट बीजेपी हार गई। हालाकि बीजेपी की विपक्षी पार्टियों ने तीनों ही सीटों पर महागठबंधन किया था। जिसका उन्हें फायदा भी मिला। उपचुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी अब लोकसभा चुनाव के लिए नई प्लानिंग करने में जुट गई है। बीजेपी सामाजिक समरसता के जरिए संभावना तलाश रही है।
बीजेपी का शहरी क्षेत्र मजबूत गढ़ माना जाता है। शहरी क्षेत्र के साथ में बीजेपी अब गांवों को भी गढ़ बनाने जा रही है। ताकि जनाधार बढ़ाकर पैठ मजबूत की जा सके। आरएसएस भी गांवों को गढ बनाने के दौरान पूरी तरह साथ देगी। दलितों व पिछड़ों को जोड़ने की मुहिम को तेज की जा रही है। सुत्रों की माने तो लोकसभा चुनाव 2019 में इस बार 73 प्लस का टारगेट बीजेपी का है। हालाकि मेरठ में हुए प्रदेश कार्य समिति की बैठक के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीयध्यक्ष अमित शाह ने 73 प्लस के लिए कार्यकर्ताओं व पदाधकिारियों से तैयारी में जुटने का ऐलान किया था। सुत्रो की माने तो 73 प्लस के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गांवों को गढ़ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
ओबीसी, अनुसूचित जाति व जनजाति वोट बैंक पर नजर
बीजेपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों की माने तो दलितों और पिछडों को जोड़े बगैर विपक्षी दलों को पटखनी देना आसान नहीं होगा। यहीं वजह है कि बीजेपी गांवों को गढ बनाने जा रही है। ज्यादातर दलित व पिछड़ा वर्ग ग्रामीण इलाकों में रहता हैैं। एक सितंबर से इस मुहिम पर काम शुरू करने की तैयारी में हुट गए है। बीजेपी हर बूथ पर 20 दलित और पिछड़ों को जोड़कर उनके बीच जाएगी। साथ ही गांवों में सामाजिक केंद्र भी खोले जाएंगे। आरएसएस के सूत्रों के मुताबिक समरसता मंच हर सप्ताह व महीने में दो बार भोज कराएगा। सूत्रों के मुताबिक संघ हिंदू समाज को एकजुट करने की कोशिश में जुटा है।