मेरठ

Mission 2019: सपा की पूर्व विधायक के कारण बसपा में हुर्इ उठापठक, पार्टी के इन दो बड़े नेताआें पर गिरी गाज

बसपा सुप्रीमो ने अनुशासन आैर पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से लिया निर्णय  
2 min read
• •
Updated: 21 Dec 2018, 11:31 AM IST
meerut
Mission 2019: सपा की पूर्व विधायक के कारण बसपा में हुर्इ उठापठक, पार्टी के इन दो बड़े नेताआें पर गिरी गाज

मेरठ। सपा की पूर्व विधायक के बसपा में शामिल होने का रास्ता साफ होने का खामियाजा बसपा के पूर्व विधायक के साथ पार्टी के एक अन्य बड़े नेता को झेलना पड़ा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार आैर मुरादाबाद मंडल के मुख्य जोन प्रभारी जितेंद्र सागर को अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बसपा से निष्कासित कर दिया है। माना जा रहा है कि सपा की इस पूर्व विधायक रुचि वीरा के बसपा में शामिल होने का विरोध करने के कारण दोनों पर निष्कासन की कार्रवार्इ हुर्इ है। सपा-बसपा के गठबंधन के बाद रुचि बसपा में इसलिए आनी चाहती थी, ताकि लोक सभा 2019 में बिजनौर सीट से चुनाव लड़ सकें, क्योंकि यह लोक सभा सीट बसपा के पास आती, लेकिन बसपा के दोनों नेताआें ने रुचि वीरा के बसपा में आने की मंशा भांपते हुए उसका विरोध शुरू कर दिया था। माना जा रहा है कि ये निष्कासन बसपा में मिशन 2019 से पहले उठापठक बढ़ा भी सकता है।

दोनों बसपा नेताआें ने इसलिए किया था विरोध

दरअसल, चांदपुर के पूर्व बसपा विधायक इकबाल ठेकेदार भी बसपा के प्रबल उम्मीदवार माने जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो रुचि वीरा के बसपा ज्वाइन करने की चर्चाआें से पहले ही उन्होंने पार्टी हार्इकमान के सामने विरोध करना शुरू कर दिया था। इसमें मुरादाबाद मंडल के मुख्य जोन प्रभारी जितेंद्र सागर विरोध जताने में साथ रहे। सूत्रों की मानें तो दोनों ने पार्टी हार्इकमान के सामने यह विरोध जताया था कि रुचि का बसपा में आना लाभकारी नहीं होगा, क्योंकि उन पर कर्इ मुकदमे हैं। इसके बाद रुचि को बसपा में लाने वाले खेमे के नेताआें ने स्थिति स्पष्ट कर दी थी कि जो मुकदमे थे, उनकी फाइल बंद हो चुकी है। बताते हैं कि पार्टी के कुछ नेताआें ने दिल्ली में बहन जी से मुलाकात की आैर पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार व जितेंद्र सागर के निजी स्वार्थ की शिकायत की। इसके बाद बसपा सुप्रीमो ने दोनों को निष्कासित कर दिया। पार्टी जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। माना जा रहा है कि इस निष्कासन के बाद सपा पूर्व विधायक रुचि वीरा की संभावना प्रबल हो गर्इ है। हालांकि निष्कासित पार्टी नेताआें का कहना है कि उन्होंने कोर्इ अनुशासनहीनता नहीं की। वे हार्इकमान के सभी आदेश मानते आए हैं आैर हमेशा पार्टी के हित में काम किया।

Published on:
Also Read
View All
नीला ड्रम कांड में नया मोड़, सौरभ के भाई को कार से कुचलने की कोशिश, राहुल ने मुस्कान पक्ष पर लगाया हत्या की साजिश का आरोप

मेरठ: घर में मिलीं पीहू की किताबें और तस्वीरें, हर जगह दिखी मां-बेटी की जोड़ी, सौरभ को भुलाना चाहती थी मुस्कान

Blue Drum Murder Case: ‘मुस्कान की बेटियों की परवरिश कौन करेगा’, जानिए क्या है परिवारों का रुख; फांसी के खिलाफ दलीलों पर 30 नवंबर को होगी सुनवाई

कौन हैं IPS कलानिधि नैथानी? गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो के बेटे पर 50 हजार का इनाम घोषित करने बाद चर्चा में!

Blue Drum Murder Case: जेल की सलाखों से बाहर निकलेगी नीले ड्रम वाली मुस्कान की बेटी, राधा को गोद लेगा ये इन्फ्लुएंसर; जानिए पूरा मामला