
मेरठ। लोकसभा चुनाव भारत देश का सबसे बड़ा लोकतंत्र का पर्व माना जाता है। लेकिन लोकतंत्र के इस पर्व में लोगों को कड़ी परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। एक तरफ इतना बड़ा पर्व सम्पन्न करवाना पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती भरा काम होता है। तो दूसरी ओर आम लोगों के लिए भी इसमें परेशानियां कम नहीं होती। मेरठ के पुलिस लाइन में ऐसे ही कुछ गाड़ी मालिकों से बात की गई। जो कि दूसरे जिलों से मेरठ आए थे और उनकी गाड़ी को पकड़ लिया गया। इनमें से कुछ की बात की गई।
गाडी संचालक दिनेश कुमार नोएडा से मेरठ गाडी लेकर आए थे। इनको आरटीओ ने रोका और उनकी गाडी के कागज अपने पास रख लिए। इसके बाद गाड़ी को मेरठ की पुलिस लाइन भिजवा दिया गया। बेचारा तब से ही मेरठ पुलिस लाइन में रह रहा है। कुछ ऐसा ही हाल बागपत जिले के अमीनगर सराय का रहने वाले प्रदीप का है। प्रदीप अमीनगर सराय से मेरठ किसी काम के सिलसिले में आए थे।
प्रदीप की गाड़ी इंचौली थाना क्षेत्र में पकड़ी। उसका कहना है कि सभी कागज ठीक थे इसके बाद भी उनकी गाड़ी के कागज ले लिए गए और उसकी गाड़ी ईको को मेरठ पुलिस लाइन भेज दिया गया। उनका कहना है कि वह यहां पर भूखा प्यासा पड़ा हुआ है। ये एक दो ड्राइवरों की बात नहीं, यहां पर आए सभी गाड़ी संचालकों के साथ ऐसा ही हुआ है। कोई अपने जरूरी काम से जा रहा था तो कोई अपने बच्चों के साथ जा रहा था। गाड़ी पकड़ी और सीधे मेरठ पुलिस लाइन के लिए रवाना कर दी गई।