
संजय शर्मा, मेरठ. Indian Cricket के स्विंग मास्टर भुवनेश्वर कुमार ने नुपुर के लिए हर वे बड़े रिश्ते ठुकराए थे, जो किसी भी हाल में भुवनेश्वर को अपना दामाद बनाना चाहते थे। बड़े-बड़े बिजनेसमैन, बड़े अफसर, गांव की आेर से बड़े-बड़े जमींदार, गुर्जर जाति के बड़े-बडे़ रर्इसों ने भुवनेश्वर से अपनी बेटी की शादी के लिए बार-बार उसके घर के चक्कर लगाए थे। उस समय परिजनों ने Bhuvneshwar से पूछकर इन रिश्तों को मना किया था। करीब चार-पांच साल पहले भुवनेश्वर से जब भी शादी के बारे में पूछा जाता था, तो इस स्विंग मास्टर का मुस्कराकर एक ही जवाब होता था कि अभी मेरी उम्र ही क्या है, जब समय आएगा तो शादी भी हो जाएगी। यह उस समय की बात है, जब भुवनेश्वर ने भारत के लिए टी-20, वनडे आैर टेस्ट क्रिकेट में खेलना शुरू कर दिया था। भुवनेश्वर ने तब इन रिश्तों को यह बहाना बनाकर मनाकर दिया था, अभी उन्हें कॅरियर बनाना है। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के दौरान भी भुवनेश्वर के लिए काफी रिश्ते आए, लेकिन भुवनेश्वर चुप्पी साधे रहे आैर फिर 4 अक्टूबर को नुपुर से Ring Ceremony के 20 दिन पहले ही भुवनेश्वर ने अपने घरवालों के सामने नुपुर का नाम लेकर सबको चौंका दिया।
एक रुपये का रिश्ता, पांच बाराती
'पत्रिका' से बातचीत में Bhuvneshwar के पिता किरनपाल सिंह ने बताया कि वह शुरू से ही चाहते थे कि बिट्टू (भुवनेश्वर के घर का नाम) का रिश्ता बिना दान-दहेज का होगा। एक रुपये का रिश्ता आैर सिर्फ पांच बाराती जाकर बहू को ले आएंगे। उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर के लिए पता नहीं कहां-कहां से आैर कितने रिश्ते आए होंगे, लेकिन अब जो रिश्ता हुआ है, वह जान-पहचान में आैर शरीफ लोगों के साथ हुआ है। हमें भी Bhuvneshwar- Nupur के बारे में कुछ पता नहीं था। 20 दिन पहले ही बिट्टू ने बताया, तो हमें अच्छा लग रहा है कि अच्छे लोगों के साथ रिश्ता जुड़ रहा है। पुलिस सब-इंस्पेक्टर से सेवानिवृत्त भुवनेश्वर के पिता ने बताया कि उनकी इच्छा के अनुसार ही यह रिश्ता बिना दान-दहेज के एक रुपये में तय हुआ है। मैं चाहता था कि पांच ही बाराती शादी में जाएं, लेकिन बारातियों की संख्या अब काफी बढ़ जाएगी, कोर्इ बात नहीं। उन्होंने अनुमान लगाकर कहा कि बारातियों की संख्या 1500 से दो हजार तक हो सकती है। शादी परतापुर बार्इपास के होटल ब्रावुरा में आैर पार्टी दिल्ली आैर बुलंदशहर में होगा
बहुत रिश्ते आए थे
पिता किरनपाल सिंह ने बताया कि बिट्टू के इतने रिश्ते आैर पैसे वाले लोगों के आए थे, अब इसका जिक्र करना गलत है। उन्होंने बताया कि रिश्ते लेकर आने वाले काफी लोग नाराज भी हुए। तरह-तरह के तंज कसे गए- जैसे अब तुम रिश्ता क्यों लेने लगे, अब तो तुम्हे करोड़पति, अरबपति पार्टी चाहिए। उन्होंने बताया कि रिश्ते लेकर आने वालों काे समझाना बड़ा मुश्किल था। हम उनके सामने बस हाथ जोड़ लेते थे। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर से पूछते तो वह पहले अपना कॅरियर बनाने की बात कहता। इसलिए हमें आए हुए रिश्तों को मना करना कठिन हो जाता था।
दो गली छोड़कर नुपुर का घर
मवाना रोड पर गंगानगर में Bhuvi आैर उनकी मंगेतर Nupur के घर का फासला दो गली छोड़कर है। अब यहां सिर्फ नुपुर के पिता सीबीआर्इ के रिटायर्ड इंस्पेक्टर यशपाल सिंह रहते हैं, परिवार के बाकी लोग नोएडा के घर में रहते हैं। भुवनेश्वर आैर नुपुर का बचपन व इंटरमीडिएट तक की पढ़ार्इ गंगानगर के घर में रहते हुर्इ।
शानदार कॅरियर में Boostup नुपुर का
महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को उनके किसी भी स्तर के प्रथम श्रेणी मुकाबले में शून्य पर आउट करने का कीर्तिमान अगर किसी गेंदबाज ने बनाया तो वह स्विंग मास्टर भुवनेश्वर कुमार ही थे। जिन्होंने रणजी मुकाबले में करीब दस साल पहले सचिन को शून्य पर आउट करके सबको चौंका दिया था। इसके बाद भुवनेश्वर ने अपने पहले International T-20 मुकाबले में 25 दिसंबर 2012 को पाकिस्तान के खिलाफ चार आेवर में नौ रन देकर तीन विकेट झटके थे। इसके बाद अपने पहले ही International One Day Match में 30 दिसंबर 2012 को चेन्नर्इ में पाकिस्तान के खिलाफ आेपनर मोहम्मद हफीज को वनडे कॅरियर की पहली ही गेंद पर बोल्ड कर दिया था। यह भी एक रिकार्ड है। इसमें उन्होंने नौ आेवर में 27 रन देकर दो विकेट लिए थे। इसकेे दो महीने बाद ही भुवनेश्वर को आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला Test Match खेलने का मौका मिला। इसमें उन्हें कोर्इ विकेट तो नहीं मिला, लेकिन उनकी Swing Bowling की बहुत तारीफ हुर्इ। सूत्रों की मानें तो भुवनेश्वर को हमेशा अच्छे प्रदर्शन के लिए Nupur ने बूस्टअप किया है।