मेरठ

योगी सरकार पर छात्र राजनीति कुचलने का आरोप, राज्यपाल से की बड़ी मांग, देखें वीडियो

Highlights छात्रों ने विश्वविद्यालय में किया हंगामा विभिन्न संगठनों का कमिश्नरी पर प्रदर्शन छात्र हितों का अनदेखा करने का आरोप  

2 min read
Oct 15, 2019
Yogi Aditya nath, CM, Roads, Gaddamukta, tenders, pwd, keshav prasad

मेरठ। छात्र संघ चुनाव (Student Union Elections) की मांग को लेकर मंगलवार को कमिश्नरी पर सामाजिक संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। भाजपा सरकार (BJP Government) पर आरोप लगाए गए कि जो छात्र हितों और छात्र राजनीति को बढ़ावा देने की बात करते थे आज वही छात्र राजनीति को कुचलने का षडय़ंत्र रच रहे हैं।

सीसीएसयू विवि (CCSU Meerut) में पिछले काफी समय से छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इनमें एबीवीपी (ABVP) के अलावा अन्य छात्र संगठन भी हैं। बीते दिनों भी छात्र नेताओं ने विवि में वीसी कार्यालय के सामने जमकर हंगामा किया था। छात्र नेताओं के हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनको समझाने का प्रयास किया था। लेकिन छात्रों ने पुलिस की एक नहीं मानी। छात्र, छात्र संघ चुनाव की डेट घोषणा करने की मांग करते रहे, साथ ही इस मुद्दे पर वाइस चांसलर से मिलने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद चीफ प्रॉक्टर ने संगठन के नेताओं को वीसी से मुलाकात कराने की आश्वसन दिया था। वहीं सीसीएसयू के वीसी एनके तनेजा ने बताया कि गवर्नर हमारे सुप्रीम अधिकारी हैं। हम चुनाव कराने की मांग को उनके सामने रखेंगे। उनके द्वारा जो भी आदेश होगा उसे पालन किया जाएगा।

वहीं, छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर भ्रष्टाचार निवारण जनसेवा समिति ने कमिश्नर मेरठ के माध्यम से राज्यपाल (Governor) को ज्ञापन भेजा है। जिसमें छात्र संघ चुनाव कराने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपते समय प्रदीप सिंह ने कहा गया है कि पिछले काफी समय से चौधरी चरण सिंह विवि सहित प्रदेश के अन्य विवि के छात्रों द्वारा छात्र संघ चुनाव कराए जाने की मांग उठाई जाती रही है। उन्होंने कहा कि आज देश को अशिक्षित और बलात्कारी नेता मिल रहे हैं, जिसका कारण छात्र संघ का चुनाव न होना है। छात्र राजनीति से तमाम ऐसे नेता चुने जाते हैं जो देश की भविष्य बनते हैं। छात्र संघ चुनाव देश के लोकतंत्र की प्रथम पाठशाला है, परन्तु काफी समय से छात्रों की छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को अनसुना किया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

Published on:
15 Oct 2019 03:37 pm
Also Read
View All