Husband Wife Set Themselves On Fire: दंपती ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। तड़प-तड़प कर दोनों की मौत हो गई। जानिए पूरा मामला क्या है?
Husband Wife Set Themselves On Fire: उत्तर प्रदेश के मेरठ के लोहियानगर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां नशे की लत ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह बिखेर दिया। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि दोनों ने एक साथ आत्मघाती कदम उठा लिया। इस घटना में दोनों की मौत हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस घटना ने सबसे ज्यादा 2 मासूम बच्चियों को प्रभावित किया है, जिनके सिर से एक ही दिन में माता-पिता का साया उठ गया। दंपती की बड़ी बेटी मरियम महज सवा साल की है, जबकि छोटी बेटी अया अभी एक महीने की भी नहीं हुई थी।
लोहियानगर के उमर गार्डन निवासी हारुन अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके साथ पत्नी शबनम, 28 वर्षीय बेटा जुबैर और बहू निदा रहते थे। हारुन ने अपने घर के ग्राउंड फ्लोर पर पावरलूम मशीनें लगा रखी थीं, जबकि परिवार ऊपरी मंजिल पर निवास करता था। जुबैर की शादी करीब 3 साल पहले भगत सिंह मार्केट निवासी निदा से हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था, लेकिन समय के साथ जुबैर की नशे की आदत ने रिश्ते में तनाव पैदा कर दिया।
परिजनों के अनुसार, जुबैर की नशे की लत को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। निदा इस आदत का विरोध करती थीं, जिससे घर में आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती थी। शनिवार को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो धीरे-धीरे बढ़कर गंभीर झगड़े में बदल गई।
शनिवार को विवाद इतना बढ़ गया कि जुबैर और निदा ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद दोनों ने एक साथ खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। जब तक परिजन दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे, तब तक दोनों लगभग 80 प्रतिशत तक झुलस चुके थे। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए।
गंभीर हालत में दोनों को तुरंत मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली के सफदरजंग (Safdarjung Hospital) रेफर कर दिया। इलाज के दौरान रविवार शाम को पत्नी निदा की मौत हो गई, जबकि कुछ घंटों बाद सोमवार दोपहर में जुबैर ने भी दम तोड़ दिया।
जैसे ही दोनों की मौत की खबर घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। बेटे और बहू को खोने के गम में बुजुर्ग माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। अब सबसे बड़ी चिंता दोनों मासूम बच्चियों के भविष्य को लेकर है, जिनकी जिम्मेदारी अब दादा-दादी पर आ गई है।