डीएम ने त्योहार पर सभी इंतजाम समय पर पूरे करने के दिए निर्देश
मेरठ। आगामी ईद उल अजहा (बकरीद) के दृष्टिगत जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा है कि प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह पूरी सर्तकता के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में पैनी नजर रखें। कोई भी नई परम्परा विकसित न होने दें।
जनपद के 112 कुर्बानी स्थलों पर होगा कटान
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा बचत भवन सभागार में ईद उल अजहा को शान्तिपूर्ण व आपसी सौहार्द के साथ सम्पन्न कराने के सम्बध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निगम और निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह शहरी क्षेत्र में पानी, सफाई व्यवस्था को दुरूस्त रखें तथा खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों, सड़क मार्ग आदि को भी ससमय दुरूस्त करें।
बिजली विभाग को दिए निर्देश
उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह त्योहार को दृष्टिगत रखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने ईदगाहों के आसपास विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से बिजली खम्बों को भी कवर करने तथा नंगे एवं लटके तारों को दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
जिसने बिगाड़ा माहौल उसकी खैर नहीं
डीएम अनिल ढींगरा ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जनपद का माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नगर निगम, निकायों एवं विद्युत विभाग सहित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागों की कार्ययोजना बनाकर उक्त त्योहार पर परम्परागत रुप से की जाने वाली सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करें।
ईदगाहों के पास होगी सफाई, उसी दिन उठेगा कूड़ा
उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह चिन्हित स्थानों पर कूड़ा ठेला लगाकर उसका उठान तुरंत कराएं। कटान के बेकार अवशेष को परम्परागत जगह पर ही एकत्र करें। उन्होंने कहा कि ईदगाहों के पास बंद नालियों को खोलने व सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखी जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि नमाज अदा करने के स्थानों पर आवारा पशु न घूमें।
प्रतिबंधित जानवरों का न हो कटान
मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में गणमान्यों व धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर उनसे अपील करें कि प्रतिबंधित जानवरों का कटान न हों। सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न हो तथा कुर्बानी के बाद पशु अवशेषों को खुले में न डालें। समाज के दूसरें वर्गों की भावनाओं को ध्यान में रखें। उन्होंने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पर भी पीस कमेटी की बैठकें नहीं हुई है। पूर्व में घठित घटनाओं का संज्ञान लेकर विषेष व्यवस्था भी करें। शान्ति व्यवस्था एवं आपसी सौहार्द को भंग करने वाले के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्रवार्इ भी अमल में लाएं। किसी भी छोटी घटना के घटित होने पर पुलिस अधिकारी स्वयं तत्काल मौके पर पहुंचें।