
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से उपजे भारत-कनाडा विवाद का असर दोनों देशों पर पड़ रहा है। बता दें सिख और पंजाबी समुदाय के लोग काफी संख्या में कनाड़ा में जॉब करते हैं। इनमें मेरठ के लोग भी शामिल हैं। मेरठ के प्रहलाद नगर और बेरी पुरा के काफी लोग कनाड़ा में जॉब करते हैं। भारत कनाड़ा के बीच रिश्तों में तनाव के बीच प्रहलाद नगर और बेरी पुरा के लोग आशंकित हैं कि कहीं दोनों देशों के बीच तनाव का असर कनाड़ा में जाब कर रहे उनके परिजनों पर भी ना पड़े। मेरठ बैरी पुरा निवासी रामलोचन चावला का कहना है कि भारत और कनाडा के बीच उपजे विवाद से वे परिवार कई दिनों से परेशान हैं, जिन घरों के लोग कनाडा में रह रहे हैं।
मेरठ से सैकड़ों की संख्या में युवा छात्र कनाडा में पढ़ाई करते हैं। ऐसे छात्रों के परिजन चिंतित हैं। उनका कहना है कि दोनों को बातचीत कर विवाद खत्म कर देना चाहिए। कनाडा में रहने वाले मेरठ निवासी परिवार परेशान हो रहे हैं। कनाडा में रहने वाले भारतीयों को डर है कि दोनों देशों के बीच तनाव के कारण भविष्य में विजिटर और स्टडी वीजा मिलने में देरी हो सकती है। या हो सकता है कि भारतीय छात्रों के लिए वीजा सीमा तय कर दी जाए।
प्रहलाद नगर निवासी सुखबीर सिंह का कहना है कि आज तक ऐसी स्थिति कभी नहीं आई। यहां तक कि जब 80 के दशक में कनिष्क विमान हादसा हुआ तब भी दोनों देशों के बीच संबंध खराब नहीं हुए थे। मेरठ के बहुत सारे पंजाबी कनाडा में बसे हैं। ऐसे में इस समय उनके परिवार में दहशत का माहौल है।
भारत और कनाडा को इस मुद्दे का समाधान तलाशना चाहिए। इसका भारत-कनाडा संबंधों पर प्रभाव पड़ रहा है। वहीं सिखों को आतंकवाद से जोड़ा जाना लगत है। उन्होंने कहा कि अगर मामला हाथ से बाहर गया तो इसका असर मेरठ ही नहीं पूरे पंजाब और एनसीआर पर पड़ेगा। बहुत सारे भारतीय, खासकर सिखों और पंजाब के लोग कनाड़ा में रहते हैं।