
Meerut Child Murder: उत्तर प्रदेश के बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज कस्बे में छह वर्षीय बालक अंगदवीर की अपहरण के बाद हत्या के मामले में शुक्रवार को एक और बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस ने मृतक बच्चे की मां गुरप्रीत कौर को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि गुरप्रीत अपने प्रेमी और मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर के साथ मिलकर इस पूरी साजिश में शामिल थी।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मंगलवार को गुरप्रीत ने खुद व्हाट्सएप कॉल कर अर्पित को घर के पास बुलाया था। अर्पित के पहुंचने पर वह स्वयं अंगदवीर को लेकर घर से बाहर निकली। घर से करीब 100 मीटर दूर अर्पित कार लेकर खड़ा था। गुरप्रीत ने बच्चे को हाथ से इशारा कर कहा कि अंकल के साथ चला जा, वह तुझे घड़ी और चॉकलेट दिलाएंगे। बेटे को प्रेमी के साथ भेजने के बाद गुरप्रीत दवा लेने के बहाने नजीबाबाद स्थित अपने मायके चली गई।
अर्पित ने अंगदवीर की हत्या के महज दस मिनट बाद गुरप्रीत को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर बताया कि काम हो गया है। इस पर गुरप्रीत ने पूछा कि किसी ने देखा तो नहीं। जब शाम को पुलिस पहुंची और फुटेज का पता चला तो गुरप्रीत ने अर्पित को साढ़े छह बजे मैसेज किया कि पुलिस आ गई है, फुटेज उनके हाथ लग गई है और अब वह नहीं बचेगा। साथ ही उसने लिखा कि कॉल मत करना और उसका नाम मत लेना। इसके बाद दोनों ने अपनी पूरी व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दी।
पूछताछ में गुरप्रीत ने बताया कि रविवार को उसने अर्पित को घर पर बुलाया था। देर रात जब अर्पित वहां मौजूद था, तभी पास में चारपाई पर सो रहे अंगदवीर की नींद खुल गई और उसने दोनों को साथ देख लिया। इसके बाद दोनों को डर सताने लगा कि बच्चा यह बात अपने पिता गुरसेवक या दादी को बता देगा। गुरप्रीत गुरसेवक से तलाक लेकर अर्पित के साथ जीवन बिताना चाहती थी और उसे लगता था कि अंगदवीर ही इसमें बाधा है। इन्हीं कारणों से दोनों ने मिलकर बच्चे की हत्या की योजना बनाई।
घटना वाले दिन अंगदवीर साइकिल चलाकर घर लौटा था और बाहर खेलने लगा था।। काफी देर तक उसके घर नहीं लौटने पर परिवार को चिंता हुई। परिजनों ने गांव और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। इसके बाद बच्चे की दादी बलविंदर कौर ने बहसूमा थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई।
एसपी देहात के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें जांच में लगाई गईं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर एक सफेद वैगनआर कार में अंगदवीर जाता दिखाई दिया। फुटेज में बच्चा बिना किसी डर या विरोध के कार में बैठता नजर आया, जिससे पुलिस को शक हुआ कि उसे ले जाने वाला कोई परिचित व्यक्ति है।जांच के दौरान पुलिस का संदेह मीरापुर निवासी अर्पित शर्मा पर गया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
Updated on:
22 Jun 2026 01:07 pm
Published on:
17 Jun 2026 12:24 pm
