दूध की डेयरी में हुर्इ चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे थे भाजपा नेता
मेरठ। भाजपा सरकार में भाजपाइयों की ही नहीं सुनी जा रही तो और किसकी सुनी जाएगी। यहां कार्यकर्ताओं की बात तो दूर भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष खुद मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे, लेकिन थाने ने मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया। तो पूर्व प्रदेशाध्यक्ष को थाने में ही धरने पर बैठ जाना पड़ा। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मी कांत वाजपेयी काफी देर तक थाना परिसर में बाहर ही बैठे रहे। इसकी जानकारी जब पुलिस अधिकारियों को हुई तो उनमें हड़कंप मच गया। सीओ मौके पर पहुंचे और उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी धरने से उठे। मामला थाना सिविल लाइन का है। जहां डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी एक मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे थे।
हजारों की चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की
मुनेंद्र गिरि पुत्र ओमप्रकाश निवासी सूरजकुंड की रामबाग में दूध की डेयरी है। बीती दस अक्टूबर को उनकी डेयरी से तीन मोबाइल फोन, 99 हजार रुपये और एक एलईडी की चोरी हो गई थी। पीड़ित मुनेंद्र के अनुसार उसने सूरजकुंड चौकी इंचार्ज और इसके बाद सिविल लाइन थाने में चोरी की तहरीर दी, लेकिन उनकी रिपोर्ट आज तक भी दर्ज नहीं की जा सकी थी। जबकि उसका मोबाइल रिकवरी सेल ने बरामद कर उन्हें सौंप दिया। वह रिपोर्ट का पता करने जब चौकी और थाने पहुंचे तो उनको वहां पर जलील किया गया और बुरा भला कहकर भगा दिया। इस पर मुनेंद्र सीधे पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के पास पहुंचे और उनको आपबीती बताई।
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष को बैठना पड़ा धरने पर
गुरुवार को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के पास पहुंचे मुनेंद्र ने थाना और भाजपा सरकार को भी कोसना शुरू किया तो डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का पारा चढ़ गया। वाजपेयी दोपहर करीब 12 बजे सीधे थाने पहुंचे और परिसर में ही धरना देकर बैठ गए। उन्होंने पुलिस से तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने और चोरों का पता लगाने की मांग की। सूचना पर सीओ सिविल लाइन रामअर्ज थाने पहुंचे और थाना इंचार्ज अब्दुल रहमान सिद्दीकी को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। करीब डेढ़ बजे चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई। उसके बाद ही डा. वाजपेयी धरना से उठे। डा. वाजपेयी का कहना था कि अधिकारी निरंकुश हो रहे हैं कोई काम नहीं करना चाह रहा। इसकी शिकायत ऊपर की जाएगी।