
पढ़ाई में तनाव के चलते जागृति विहार सेक्टर-4 निवासी ट्रांसपोर्टर की बेटी ने घर में रखी पिस्टल से गोली मारकर जान दे दी। मृतका हर्षिता कैंट स्थित दीवान पब्लिक स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा थी। एसपी सिटी पीयूष सिंह का कहना कि घर से अवैध पिस्टल बरामद हुई। पिस्टल कहां से आई, इसकी जांच की जा रही है।
लिव-इन में प्रेमी से विवाद हुआ तो दे दी जान
आत्महत्या की दूसरी घटना में गढ़ रोड स्थित ज्ञानकुंज कॉलोनी में एक युवती ने पंखे पर लटकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक मृतका प्रीति लिव इन में अपने प्रेमी संजय के साथ रह रही थी। प्रीति का संजय के साथ किसी बात पर विवाद हुआ था। प्रीति का पहले पति से तलाक हो गया था।
नौकरी छूटी तो कंप्यूटर ऑपरेटर ने दी जान
तीसरी घटना में मेरठ के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर राजीव ने फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जाता है कि वह मुजफ्फरनगर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर था। उसकी नौकरी छूट गई थी। जिससे वह तनाव में था।
विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान
आत्महत्या की चौथी घटना थाना सरधना क्षेत्र के गांव पिठलोकर में हुई। जहां पर विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि परिजनों ने ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों ने थाने में तहरीर दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
इन कारणों से करते हैं आत्महत्या
मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश त्यागी का कहना है कि आत्महत्या कोई अचानक से नहीं करता। इसके लिए काफी चीजें जिम्मेदार होती हैं। उन्होंने बताया कि अगर व्यक्ति में ऐसे संकेत मिले तो सतर्क हो जाना चाहिए। जैसे वह बात-बात पर गुस्सा करे।
हमेशा उदास रहे, नींद न आना, मानसिक उतार चढ़ाव इत्यादी। गंभीर तनाव और डिप्रेशन के बीच अचानक शांत हो जाना। आत्महत्या को रोकने का तरीका संकेतों, डिप्रेशन और डिसऑर्डर के लक्षणों को पहचानना है। समय रहते उस व्यक्ति को समझकर आत्महत्या करने से से रोका जा सकता है।