
केस अपडेट; पति की हत्या के लिए सांप को बनाया हथियार। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Murder By Snake Case New Update Meerut: मेरठ के हस्तिनापुर में हुए चर्चित अतुल हत्याकांड की जांच अब सिर्फ घटनास्थल और आरोपियों के बयानों तक सीमित नहीं है। पुलिस इस मामले में सोशल मीडिया पोस्ट, मोबाइल डेटा, डिजिटल चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहन पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान सामने आए कई डिजिटल सुराग इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
जांच के दौरान पुलिस की नजर मृतक अतुल और उसकी पत्नी दामिनी के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी गई। अधिकारियों के मुताबिक, दामिनी ने पिछले कुछ महीनों में कई भावनात्मक पोस्ट साझा की थीं, जिन्हें अब उसके निजी संबंधों के संदर्भ में जांचा जा रहा है। 22 अप्रैल की एक पोस्ट में उसने लिखा था, "किसी का हाथ पकड़ो तो उम्रभर के लिए पकड़ना, क्योंकि जिंदगी पार करनी है, सड़क नहीं।" इसके 2 दिन बाद उसने एक और पोस्ट में लिखा, "औरत दिल हार जाए तो कोई मर्द उसका दिल जीत नहीं सकता।" पुलिस इन पोस्टों का समय, परिस्थितियां और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड से मिलान कर रही है।
जहां दामिनी की पोस्ट रिश्तों में बदलाव की ओर संकेत करती नजर आ रही हैं, वहीं अतुल के सोशल मीडिया अकाउंट पर पत्नी के प्रति प्रेम और सम्मान से जुड़े संदेश दिखाई दिए हैं। शादी की सालगिरह पर अतुल ने दामिनी को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशियों में से एक बताते हुए भावुक पोस्ट लिखी थी। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला यह रिश्ता वास्तविक जीवन में भी उतना ही मजबूत था या फिर दोनों के बीच पहले से मतभेद गहराने लगे थे।
परिजनों के अनुसार, अतुल अपनी सातवीं शादी की सालगिरह को खास बनाना चाहता था। उन्होंने बताया कि घटना से 2 दिन पहले वह एक ज्वेलरी शॉप पर पत्नी के लिए सोने की चेन पसंद कर चुका था। हालांकि, पैसे की व्यवस्था करने की बात कहकर वह वापस लौट आया और दोबारा दुकान पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दामिनी और सह-आरोपी तुषार कथित तौर पर बीमा राशि मिलने के बाद नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों हाईटेक स्कूल खोलने की योजना पर चर्चा कर रहे थे।
पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या जिस स्कूल में अतुल कार्यरत था, वहां भविष्य में तुषार को नौकरी दिलाने और उसके बाद नई शुरुआत की कोई योजना बनाई गई थी। फिलहाल इन दावों की पुष्टि के लिए डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दामिनी और तुषार को कई बार एक साथ बाइक पर देखा गया था। क्षेत्र में इस संबंध को लेकर चर्चाएं भी होती थीं और इसे लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी दावों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जा रहा है और केवल जांच में पुष्ट तथ्यों को ही आधार बनाया जाएगा।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि घटना को सामान्य मौत या दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी। पुलिस का दावा है कि अतुल को पहले कथित रूप से नींद की गोलियां दी गईं और उसके बाद जहरीले कॉमन करैत सांप से डसवाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, विशेषज्ञों से मिली प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया कि इस्तेमाल किए गए सांप को कुछ समय तक भूखा रखा गया था। पुलिस का दावा है कि सांप कथित तौर पर तुषार ने खरीदा था। हालांकि इन सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, कॉमन करैत दुनिया के सबसे जहरीले सांपों में शामिल है। इसके जहर में मौजूद न्यूरोटॉक्सिन सीधे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं। इस सांप के काटने पर कई बार न तो ज्यादा दर्द होता है और न ही सूजन दिखाई देती है, जिससे पीड़ित शुरुआती खतरे को समझ नहीं पाता। समय पर इलाज न मिलने पर सांस लेने में दिक्कत हो सकती है और स्थिति गंभीर हो सकती है। यही वजह है कि इसे अक्सर 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है।
इस मामले में पुलिस अब उन दवाओं की खरीद की भी जांच कर रही है, जिनका कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि नींद की गोलियां किस मेडिकल स्टोर से खरीदी गईं और क्या उन्हें बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के बेचा गया था। अगर जांच में दवा बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। सोशल मीडिया रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, डिजिटल चैट, कॉल डिटेल, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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Updated on:
19 Jul 2026 04:48 pm
Published on:
19 Jul 2026 04:48 pm
